बंगाल में डेंगू विस्फोट: 23 दिन में 5,500 से ज्यादा केस, कोलकाता-मुर्शिदाबाद बने हॉटस्पॉट, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट
शिल्पांचल टुडे, कोलकाता।
दुर्गापूजा के जश्न के बीच पश्चिम बंगाल में डेंगू ने डराना शुरू कर दिया है। अक्टूबर के सिर्फ 23 दिनों में ही राज्य में 5,500 से ज्यादा नए मरीज सामने आ चुके हैं, जिससे स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।
स्वास्थ्य विभाग के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 24 अक्टूबर तक राज्य में इस साल कुल 12,889 केस हो चुके हैं, जिनमें 290 मरीज एक्टिव हैं और अब तक 15 लोगों की मौत की सूचना है।
कब कितना बढ़ा डेंगू?
इस साल शुरुआत में हालात काबू में थे, लेकिन अगस्त से ग्राफ तेजी से बढ़ा:
– जनवरी से जुलाई: 1,946 मामले
– अगस्त: 2,020 मामले
– सितंबर: 3,172 मामले
– अक्टूबर (23 दिन): 5,500+ मामले
अक्टूबर में संक्रमण की रफ्तार ने पिछले सभी महीनों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है।
कोलकाता में भी हालात चिंताजनक
कोलकाता में सितंबर के आखिरी हफ्ते में ही 1,270 नए केस मिले थे। अक्टूबर की शुरुआत तक शहर में कुल आंकड़ा 2,800 के पार पहुंच गया था। अस्पतालों में बुखार के मरीजों की भीड़ बढ़ रही है।
इन जिलों में सबसे ज्यादा खतरा
रिपोर्ट के अनुसार सबसे ज्यादा मामले मुर्शिदाबाद में हैं। इसके बाद हावड़ा, कोलकाता और उत्तर 24 परगना सबसे प्रभावित हैं। हावड़ा के डोमजुड़ में तो 14 से 20 अक्टूबर के बीच ही 27 मरीज मिले हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने कसी कमर
स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों के CMOH और नगरपालिकाओं के साथ बैठक कर साफ-सफाई, फॉगिंग और जमा पानी हटाने के अभियान तेज करने के निर्देश दिए हैं। विभाग का कहना है कि इस साल के आंकड़े पिछले साल से कम हैं, लेकिन अक्टूबर-नवंबर पर सबसे ज्यादा नजर रखने की जरूरत है।
आप क्या करें?
– घर, छत, कूलर, गमले या टायर में पानी जमा न होने दें
– एडीज मच्छर साफ पानी में भी पनपता है
– तेज बुखार, बदन दर्द, आंखों के पीछे दर्द या शरीर पर चकत्ते दिखें तो तुरंत डॉक्टर से मिलें।














