पश्चिम बर्दवान में उद्योग को नई रफ्तार: 25 एकड़ की सीमा खत्म करने पर मंथन, हर महीने DM लेंगे मीटिंग
शिल्पांचल टुडे, आसनसोल।
पश्चिम बर्दवान जिले में उद्योग और निवेश को बढ़ावा देने के लिए एक अहम बैठक आयोजित की गई। 23 अक्टूबर 2026 को हुई इंडस्ट्री डेवलपमेंट एंड इन्वेस्टमेंट प्रमोशन की इस बैठक में जिले के औद्योगिक विकास को लेकर 9 बड़े फैसले लिए गए।
बैठक में लिए गए 9 बड़े फैसले
1. कृष्णेंदु मुखर्जी को बड़ी जिम्मेदारी: कृष्णेंदु मुखर्जी को इंडस्ट्रियल स्टैंडिंग कमेटी का सदस्य बनाया जाएगा। वे सरकारी विभागों के साथ मिलकर औद्योगिक विकास योजना को लागू कराएंगे।
2. जमीन की सीमा हटाने पर विचार: अभी एक कंपनी को अधिकतम 25 एकड़ जमीन देने की सीमा है। बड़े निवेश को आकर्षित करने के लिए इस सीमा को हटाने या बढ़ाने पर नई औद्योगिक नीति के तहत विचार किया जाएगा।
3. इंडस्ट्रियल लैंड बैंक बनेगा: निवेशकों के लिए पहले से तैयार जमीन का बैंक बनाया जाएगा, जिसमें जमीन के रिकॉर्ड, सुविधाओं और आवंटन प्रक्रिया की पूरी जानकारी होगी।
4. सस्ती दर पर बालू उपलब्ध होगी: इंडस्ट्री और कंस्ट्रक्शन के लिए उचित दाम पर बालू उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी, ताकि लागत न बढ़े।
5. हर महीने DM की अध्यक्षता में बैठक: जिला अधिकारी (DM) की अध्यक्षता में हर महीने औद्योगिक समीक्षा बैठक होगी, जिसमें उद्योगों की समस्याओं का समाधान किया जाएगा।
6. ADDA से जुड़ी समस्याओं का समाधान: आसनसोल-दुर्गापुर डेवलपमेंट अथॉरिटी (ADDA) से जुड़ी जमीन, अप्रूवल और इंफ्रास्ट्रक्चर की समस्याओं को चिन्हित कर सुलझाया जाएगा।
7. पश्चिम बर्दवान इंडस्ट्रियल कमेटी का गठन: स्थानीय उद्योगों के लिए एक अलग कमेटी बनाई जाएगी जो सरकार से समन्वय कर निवेश और रोजगार बढ़ाने पर काम करेगी।
8. गुजरात मॉडल का अध्ययन: गुजरात के औद्योगिक विकास मॉडल को समझने के लिए एक स्टडी विजिट आयोजित की जाएगी, ताकि वहां की बेस्ट प्रैक्टिस को यहां लागू किया जा सके।
9. रवींद्र भवन में इन्वेस्टमेंट मीट: आसनसोल-दुर्गापुर बेल्ट में निवेश के अवसरों को दिखाने के लिए रवींद्र भवन में उद्योगपतियों और निवेशकों के साथ बड़ी बैठक आयोजित की जाएगी।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य पश्चिम बर्दवान के औद्योगिक माहौल को मजबूत करना, सरकारी प्रक्रियाओं को तेज करना और बड़े पैमाने पर निवेश व रोजगार के अवसर पैदा करना है।
