बंगाल में राशन व्यवस्था: वाममोर्चा से TMC और अब BJP सरकार तक, कितना बदला सिस्टम?
शिल्पांचल टुडे, कोलकाता।
पश्चिम बंगाल में राशन व्यवस्था को लेकर अलग-अलग सरकारों के कार्यकाल में सवाल उठते रहे हैं। वाममोर्चा सरकार के दौरान CAG की रिपोर्ट में वित्तीय और प्रशासनिक खामियां सामने आई थीं। वहीं, TMC सरकार के कार्यकाल में कथित राशन घोटाले की जांच करते हुए ED ने दिसंबर 2023 में लगभग ₹400 करोड़ के नुकसान का दावा किया था।
अब राज्य और केंद्र में भाजपा की सरकार होने के बाद राशन व्यवस्था में सुधार की उम्मीदें बढ़ी हैं। डिजिटल राशन कार्ड, e-PoS मशीन और ‘वन नेशन, वन राशन कार्ड’ जैसी व्यवस्थाएं पारदर्शिता बढ़ाने में मदद कर सकती हैं।
हालांकि, भाजपा सरकार के कार्यकाल में राशन व्यवस्था में कितना सुधार हुआ है, इसका आकलन करने के लिए नए आंकड़ों की जरूरत है। राशन की कालाबाजारी पर कार्रवाई, लाभार्थियों को पूरी मात्रा में खाद्यान्न और शिकायतों के निपटारे के आंकड़े ही वास्तविक बदलाव की तस्वीर स्पष्ट करेंगे।














