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बंगाल में निवेश का नया अध्याय – CM सुवेंदु अधिकारी 5 नवंबर को लॉन्च करेंगे नई औद्योगिक नीति, सिंगल-विंडो से मिलेगा उद्योगों को बूस्ट

आकाश सिंह

कोलकाता, शिल्पांचल टुडे।
पश्चिम बंगाल में उद्योग और रोजगार को नई रफ्तार देने के लिए ममता सरकार के बाद बनी सुवेंदु अधिकारी सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी 5 नवंबर 2026 को नबान्न में राज्य की नई औद्योगिक नीति का ऐलान करेंगे। दिवाली और काली पूजा से ठीक पहले यह नीति बंगाल को निवेशकों के लिए प्रीमियर डेस्टिनेशन बनाने के लक्ष्य से लाई जा रही है।

कैबिनेट में मसौदे को मिली मंजूरी

बुधवार, 28 अक्टूबर को हुई कैबिनेट बैठक में नई औद्योगिक नीति के ड्राफ्ट को मंजूरी दे दी गई है। मुख्यमंत्री ने खुद इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा, “हमारा वादा था दुर्गा पूजा से पहले नीति लाने का, लेकिन इसे और बेहतर बनाने के लिए हमने समय लिया। अब सभी मंत्रियों के सुझाव लेकर इसे फाइनल किया गया है।”

मुख्यमंत्री के मुताबिक, “अगले एक साल में बंगाल देश भर के उद्योगपतियों के लिए कहेगा – चलो बंगाल चलें।”

क्या होगा नई नीति में खास?

सरकारी सूत्रों के मुताबिक नई नीति में 4 बातों पर सबसे ज्यादा जोर है:

1. जमीन का पारदर्शी आवंटन: उद्योग के लिए जमीन लेना अब आसान होगा।
2. बिजली पर सब्सिडी और विशेष प्रोत्साहन: 100 करोड़ रुपये से ज्यादा निवेश करने वाले उद्योगों को स्पेशल इंसेंटिव मिलेगा। इंसेंटिव सीधे रोजगार से जुड़ा होगा – जितना ज्यादा रोजगार, उतना ज्यादा फायदा।
3. लालफीताशाही खत्म, सिंगल-विंडो क्लियरेंस: पहले पर्यावरण क्लीयरेंस, लैंड म्यूटेशन, ट्रेड लाइसेंस और बिल्डिंग प्लान के लिए अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते थे। अब सिंगल-विंडो से तेजी से मंजूरी मिलेगी।
4. 5000 करोड़ का रोजगार-आधारित बजट: सरकार ने रोजगार बढ़ाने वाले उद्योगों के लिए बड़े बजट का प्रावधान रखा है।

आसनसोल-दुर्गापुर को बड़ी उम्मीद

इस नई नीति से शिल्पांचल के लिए नई उम्मीद जगी है। आसनसोल, दुर्गापुर, रानीगंज, जामुड़िया और कुल्टी जैसे औद्योगिक बेल्ट में स्टील, इंजीनियरिंग, कोयला और ट्रांसपोर्ट सेक्टर को सीधा फायदा मिलेगा।

इसी बीच वेदांता समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने बुधवार को नबान्न में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी से मुलाकात की। वेदांता आसनसोल में एक नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाने की योजना पर काम कर रहा है, जिससे करीब 10,000 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा होने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री ने कहा, “वेदांता 7 राज्यों में है। उन्होंने कहा था कि पहले की सरकार के कारण वह बंगाल नहीं आए, अब नई सरकार में निवेश करना चाहते हैं। सरकार हर तरह से सहयोग करेगी।”

5 नवंबर को नीति के फाइनल ड्राफ्ट आने के बाद ही साफ होगा कि निवेशकों को जमीन, बिजली और लाइसेंस में कितनी छूट मिलेगी।

 

 

  

        

 

 

 

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