छठ महापर्व 2026: बंगाल में सुरक्षा को लेकर सुवेंदु सरकार अलर्ट, घाटों पर विशेष निगरानी के निर्देश
आकाश सिंह
शिल्पांचल टुडे, कोलकाता/आसनसोल।
पश्चिम बंगाल में छठ महापर्व की तैयारियां शुरू हो गई हैं। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने छठ पूजा सहित आगामी काली पूजा और जगद्धात्री पूजा को लेकर प्रशासन को सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। खास तौर पर नदी और तालाबों के घाटों पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और दुर्घटनाओं को रोकने पर जोर दिया गया है।
29 अक्टूबर को नबन्ना में आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने जिलाधिकारियों (DM), पुलिस कमिश्नरों और पुलिस अधीक्षकों (SP) को त्योहारों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने को कहा।
1. खतरनाक छठ घाटों पर विशेष नजर
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से पश्चिम बर्दवान जिले के छठ घाटों को लेकर चिंता जताई। अवैध बालू खनन के कारण कई नदी किनारों की जमीन कमजोर और असुरक्षित हो गई है।
प्रशासन को ऐसे स्थानों की पहचान कर सुरक्षा के इंतजाम करने और संवेदनशील घाटों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं।
2. घाटों पर क्या-क्या व्यवस्था होगी?
प्रशासनिक तैयारियों में निम्नलिखित उपाय शामिल हैं:
खतरनाक घाटों पर बैरिकेडिंग।
भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस की तैनाती।
CCTV कैमरों से निगरानी।
प्रवेश और निकास के रास्तों की व्यवस्था।
गहरे पानी वाले स्थानों पर श्रद्धालुओं का प्रवेश रोकना।
आपदा प्रबंधन और आपातकालीन सेवाओं की तैयारी।
श्रद्धालुओं की आवाजाही के लिए निर्धारित रास्ते।
नदी में उतरने के बजाय निर्धारित सुरक्षित स्थानों से पूजा और विसर्जन कराने पर भी जोर दिया गया है।
3. पटाखों को लेकर सरकार के नए निर्देश
पश्चिम बंगाल सरकार ने काली पूजा, दिवाली और छठ पूजा के दौरान पटाखों को लेकर भी प्रतिबंध लगाए हैं।
राज्य के गृह सचिव संघमित्रा घोष द्वारा घोषित निर्देशों के अनुसार:
केवल प्रमाणित ग्रीन पटाखों की अनुमति होगी।
छठ पूजा के दौरान सुबह 6 बजे से 8 बजे तक ही पटाखे जलाए जा सकेंगे।
अस्पताल, नर्सिंग होम और साइलेंस जोन के 100 मीटर के दायरे में पटाखे जलाने पर रोक होगी।
नियम तोड़ने वालों पर कानूनी कार्रवाई होगी।
4. कोलकाता में भी छठ घाटों का निरीक्षण
छठ पूजा की तैयारियों को लेकर मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने 30 अक्टूबर को कोलकाता के दही घाट, टाकता घाट, जजेस घाट और बिचाली घाट का निरीक्षण किया।
इस दौरान साफ-सफाई, रोशनी, श्रद्धालुओं की आवाजाही और भीड़ नियंत्रण की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
5. आसनसोल-दुर्गापुर पर विशेष जिम्मेदारी
पश्चिम बर्दवान जिले में छठ पूजा बड़े पैमाने पर मनाई जाती है। आसनसोल, कुल्टी, बराकर, रानीगंज और दुर्गापुर के घाटों पर लाखों श्रद्धालुओं की आवाजाही को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था महत्वपूर्ण होगी।
मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक में पश्चिम बर्दवान के घाटों को विशेष रूप से चर्चा में रखा गया है।
छठ पूजा कब है?
2026 में छठ महापर्व का कार्यक्रम:
13 नवंबर: नहाय-खाय
14 नवंबर: खरना
15 नवंबर: संध्या अर्घ्य
16 नवंबर: प्रातःकालीन अर्घ्य और महापर्व का समापन।














