STF का सबसे बड़ा धमाका! कोयला तस्करी के पीछे छिपा था हथियारों का जखीरा – 21 हथियार, 65 कारतूस, 1150 जिलेटिन स्टिक बरामद, 3 गिरफ्तार
शिल्पांचल टुडे, दुर्गापुर / आसनसोल।
पश्चिम बंगाल में कोयला तस्करी अब सिर्फ अवैध कारोबार नहीं रहा। इसके पीछे हथियारों से लैस एक बड़ा संगठित गिरोह काम कर रहा था। इसका खुलासा बंगाल STF की बड़ी कार्रवाई में हुआ है।
STF ने पश्चिम बर्दवान और बीरभूम में एक साथ छापा मारकर हथियारों और विस्फोटकों का भारी जखीरा बरामद किया है। इस मामले में 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
पांडवेश्वर में घर से निकले 21 हथियार
पहली कार्रवाई पश्चिम बर्दवान के जामुड़िया और पांडवेश्वर के दान्या इलाके में हुई।
दान्या में शेख शाहजहां के घर पर छापा मारा गया तो पुलिस भी हैरान रह गई। घर से 21 हथियार और 65 कारतूस बरामद हुए। शेख शाहजहां को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया।
एक महीने पहले की गिरफ्तारी से खुली पोल
STF के अनुसार, ये पूरा नेटवर्क करीब एक महीने पहले पांडवेश्वर से गिरफ्तार शेख खैरुल और शेख समशेर की पूछताछ से खुला।
दोनों से मिली जानकारी के आधार पर STF ने जांच का दायरा बढ़ाया और नए ठिकानों पर छापेमारी की, जिसमें ये बड़ा जखीरा हाथ लगा।
बीरभूम में विस्फोटकों का भंडार
दूसरी बड़ी कार्रवाई बीरभूम के मुरारई थाना इलाके में हुई। यहां STF ने 1150 जिलेटिन स्टिक, 1064 डेटोनेटर और अन्य विस्फोटक सामग्री बरामद की।
इस मामले में शेख मोहम्मद रेजा और मुकेश सिंह को गिरफ्तार किया गया है।
बिहार-झारखंड से आते थे हथियार
शुरुआती जांच में STF को पता चला है कि बरामद हथियार बिहार और झारखंड से लाए गए थे और अलग-अलग जगहों पर सप्लाई किए जाते थे।
STF के SP सिद्धार्थ धाबला ने बताया कि इन हथियारों का इस्तेमाल कोयला तस्करी के नेटवर्क को सुरक्षा देने के लिए किया जाता था। वहीं जिलेटिन और डेटोनेटर का कनेक्शन पत्थर और कोयला खदानों की गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है।
अब STF खंगाल रही पूरी चेन
अब STF यह पता लगा रही है कि हथियारों और विस्फोटकों की सप्लाई के पीछे कौन-कौन है, खरीद कहां से हुई और ये माल किन ठिकानों तक पहुंचना था?
सबसे बड़ा सवाल – क्या कोयला और पत्थर तस्करी सिर्फ अवैध धंधा है, या इसके पीछे हथियारों से लैस माफिया का बड़ा साम्राज्य चल रहा है? STF की आगे की जांच पर पूरे औद्योगिक अंचल की नजर टिकी है।













