कल्ला दोमोहानी शमशान घाट में भक्ति का महासंगम! कार्तिक अमावस्या पर मां श्मशानवासिनि की विधिवत पूजा, सैकड़ों भक्तों ने ग्रहण किया खिचड़ी प्रसाद
शिल्पांचल टुडे , आसनसोल।
दीपावली के पावन पर्व पर जहां पूरा शहर रोशनी से जगमगा रहा था, वहीं आसनसोल के कल्ला दोमोहानी स्थित मारवाड़ी मुक्तिधाम शमशान घाट में भक्ति और आस्था का एक अलग ही नजारा देखने को मिला।
कार्तिक मास की अमावस्या तिथि एवं दीपोत्सव (दीपावली) के शुभ अवसर पर यहां मां श्मशानवासिनि का विधि-विधान द्वारा पूजा-अर्चना किया गया।
शमशान घाट में गूंजे मां के जयकारे
पूजा के दौरान पूरा शमशान घाट परिसर भक्ति के माहौल में सराबोर रहा। मां काली के जयकारों से वातावरण गूंज उठा। पुरोहितों ने विधिवत मंत्रोच्चार के साथ मां श्मशानवासिनि की पूजा-अर्चना की।
भक्तों ने मां के चरणों में पुष्प, दीप और नैवेद्य अर्पित कर अपने परिवार की सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
दीपावली की रात में जहां एक ओर लोग अपने घरों में दीप जला रहे थे, वहीं यहां भक्तों ने शमशान में दीप जलाकर मां को नमन किया। मान्यता है कि अमावस्या की रात मां श्मशानवासिनि की पूजा से सभी कष्ट दूर होते हैं और जीवन में शांति आती है।
व्यापक संख्या में पहुंचे भक्त
इस पावन अवसर पर व्यापक संख्या में भक्त पहुंचे। आसनसोल के विभिन्न इलाकों के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों से भी श्रद्धालु मां के दर्शन के लिए शमशान घाट पहुंचे।
पूजा के दौरान भक्तों की भारी भीड़ देखी गई। महिलाएं, बुजुर्ग और युवाओं में मां के प्रति गहरी आस्था झलक रही थी।
भक्तों के बीच हुआ खिचड़ी प्रसाद का वितरण
पूजा-अर्चना के बाद भक्तों के बीच प्रसाद के रूप में खिचड़ी वितरण किया गया। सैकड़ों भक्तों ने पंक्तिबद्ध होकर प्रसाद ग्रहण किया।
खिचड़ी प्रसाद वितरण के दौरान भक्तों में खासा उत्साह देखा गया। आयोजकों की ओर से प्रसाद वितरण की सुव्यवस्थित व्यवस्था की गई थी, ताकि सभी भक्तों को प्रसाद मिल सके।
दीपावली की इस पावन रात में कल्ला दोमोहानी शमशान घाट में हुई मां श्मशानवासिनि की पूजा ने भक्तों को भक्ति और शांति का अनोखा अनुभव दिया।













