असंगठित श्रमिकों के साथ हो रही नाइंसाफी सहित विभिन्न मांगों को लेकर मई दिवस के दिन आंदोलन की होगी शुरुआत
आसनसोल । आसनसोल के पूर्व मेयर, पांडवेश्वर के पूर्व विधायक सह भाजपा नेता जितेंद्र तिवारी ने बुधवार अपने आवासीय कार्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन किया। उन्होंने कहा कि विभिन्न खदानों में काम करने वाले असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बनने के बाद कई अहम फैसले लिए थे। इसमें उन्होंने इन असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के वेतन को काफी बढ़ाया था। जो निजी कंपनियां कोल इंडिया या ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड से खदान से कोयला उत्खनन का टेंडर लेती थी उन कंपनी को श्रमिकों के वेतन के लिए कोल इंडिया से पैसा उपलब्ध कराया जाता था। लेकिन श्रमिकों को वह पैसा नहीं मिलता था। जितेंद्र तिवारी ने आरोप लगाया कि पांडवेश्वर के विधायक नरेंद्र नाथ चक्रवर्ती के नेतृत्व में और जिन कंपनियों को कोयला उत्खनन का टेंडर मिला था। उन कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मिली भगत करके कोयला मंत्रालय द्वारा असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए भेजे गए पैसे का बंदरबांट किया जाता था। जितेंद्र तिवारी ने आरोप लगाया कि जितना पैसा असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को कोयला मंत्रालय द्वारा दिया जाता है। आज की तारीख में एक अनस्किल्ड वर्कर को भी महीने में कम से कम 32000 रुपए वेतन के तौर पर मिलते हैं। लेकिन देखा यह जा रहा है कि पांडवेश्वर के विधायक नरेंद्र नाथ चक्रवर्ती और उस क्षेत्र के निजी कोयला उत्खनन कंपनियों के कुछ अधिकारियों की मिली भगत से किसी भी श्रमिक को 18000 रुपए से ज्यादा वेतन नहीं मिल रहा है। जबकि उसे कम से कम 32000 रुपए वेतन मिलना ही चाहिए। जब श्रमिक इस बात पर अपनी आवाज उठाते हैं तो उन्हें या तो काम से निकाल दिया जाता है या उन्हें धमकाया जाता है या फिर पुलिस की मदद से उन पर झूठे मामले दर्ज कर दिए जाते हैं। जितेंद्र तिवारी ने कहा कि ऐसे कई श्रमिक है जिनको उनका पूरा वेतन नहीं मिलता है। लेकिन बेरोजगार होने के डर से या पुलिस द्वारा झूठे मामले दिए जाने के डर से श्रमिक कुछ बोल नहीं पाते है। जितेंद्र तिवारी का कहना था कि जब वह पांडवेश्वर के विधायक थे। तब उन्होंने उस क्षेत्र के खदानों में काम करने वाले असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए काफी सहूलियत कर दी थी। लेकिन पिछले कुछ सालों से जब से नरेंद्र नाथ चक्रवर्ती पांडवेश्वर के विधायक बने हैं, वहां पर खदानों में काम करने वाले असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों की हालत काफी खराब है इसी को देखते हुए जितेंद्र तिवारी ने ऐलान किया कि पहली मई यानी मई दिवस के दिन पांडवेश्वर के बांकोला इलाके में भारतीय जनता पार्टी की तरफ से श्रमिक दिवस मनाया जाएगा और खदान में काम करने वाले असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के साथ जो नाइंसाफी हो रही है। उसके खिलाफ आंदोलन की शुरुआत की जाएगी। वहीं इस संदर्भ में नरेंद्र नाथ चक्रवर्ती ने कहा कि उनके ऊपर लगाए गए आरोप बेबुनियाद है। मीडिया में बने रहने के लिए बहुत कुछ बोलना पड़ता है। भाजपा के पैर के नीचे की जमीन खिसक गई है।
