औद्योगिक क्षेत्रों में अवैध निर्माण के खिलाफ निगम ने शुरू की कार्रवाई
आसनसोल । आसनसोल नगर निगम की तरफ से विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में जिन कारखानों द्वारा अवैध रूप से निर्माण किया गया है या नगर निगम के नियमों की अवहेलना करते हुए निर्माण कार्य किया गया है। उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात कही गई है। कुछ समय पहले आसनसोल नगर निगम द्वारा ऐसे कई कारखानों के खिलाफ जुर्माना भी लगाया गया था। गुरुवार एक बार फिर आसनसोल नगर निगम की एक टीम द्वारा जामुरिया के गगन फेरोटेक पर कार्रवाई की गई। गगन फेरोटेक के खिलाफ आरोप है कि उन्होंने आसनसोल नगर निगम द्वारा उन्हें जितनी जगह पर निर्माण करने की अनुमति दी गई थी। उससे कहीं ज्यादा जगह पर निर्माण किया है। आसनसोल नगर निगम के कानूनी सलाहकार रविउल इस्लाम के नेतृत्व में इंजीनियरों और अन्य कानूनी विशेषज्ञों की टीम कारखाने पहुंची और उन्होंने कार्यवाही शुरू की। इस बारे में रविउल इस्लाम ने कहा की आसनसोल नगर निगम मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के निर्देशानुसार नगर निगम क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में उद्योग को बढ़ावा देने का प्रयास कर रही है। लेकिन जो कंपनियां यहां पर उद्योग लगा रही हैं। उनको कुछ नियमों का पालन करना जरूरी है, जो कंपनियां इन नियमों का पालन नहीं करती पाई जा रही है, उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
गगन फेरोटेक के खिलाफ भी इस तरह के आरोप लगे थे और जब जांच किए गए तो पता चला कि उन्होंने नियमों का उल्लंघन किया है। इसके लिए आज यह कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि आसनसोल नगर निगम नहीं चाहता कि किसी भी कारखाना प्रबंधन के खिलाफ जुर्माना लगाया जाए लेकिन अगर नियमों की अवहेलना होगी तो कहीं ना कहीं यह श्रमिकों की सुरक्षा के साथ भी खिलवाड़ करना होगा। जिसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता इस आसनसोल नगर निगम इस तरह की कार्रवाई कर उन्होंने कहा कि जिस जमीन पर कारखाना बनाया जा रहा है। उस जमीन का मालिकाना अधिकार मालिक को है कि उस जमीन का मालिकाना अधिकार मालिक को है कि नहीं यह भी देखा जा रहा है। इसलिए इस तरह की कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि गगन फेरोटेक के डायरेक्टर मेयर विधान उपाध्याय से बात हुई है और आज उन्होंने प्रतीक के तौर पर कुछ जुर्माना भी अदा किया है। वहीं इस बारे में जब हमने कंपनी के एक अधिकारी हेमंत सिंह से बात की तो उन्होंने कहा कि 2 साल पहले ही कारखाना द्वारा नगर निगम से संपर्क किया गया था और इस बार भी नगर निगम से समय मांगा गया था। लेकिन नगर निगम के अधिकारी आए और कहा कि उन्होंने अवैध निर्माण किया है। हेमंत सिंह ने कहा कि नगर निगम का कहना है कि उनकी कंपनी ने 37000 स्क्वायर फीट क्षेत्र पर अवैध निर्माण किया है और 98 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया है। उन्होंने कहा कि जितना उनका कारखाना नहीं है उससे ज्यादा जुर्माना लगाया गया है। हेमंत सिंह का कहना था कि आज प्रतीकात्मक रूप से 20 लाख रुपए जुर्माने के तौर पर अदा किए गए हैं और मेयर से समय मांगा गया है।















