‘दुर्गापुर में बड़ी चूक: नोटिस देकर बुलाए सैकड़ों बूथ लेबल अधिकारी, घंटों धूप में खड़ा रखा, फिर बोले- गलती हो गई’
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दुर्गापुर । विधानसभा चुनाव के पहले चरण से ठीक एक दिन पहले दुर्गापुर वितरण-सह-प्राप्ति केंद्र पर बुधवार को जमकर हंगामा हुआ। प्रशासनिक तालमेल की कमी के चलते बड़ी संख्या में बूथ लेबल अधिकारी परेशान हुए और उन्होंने अनुमंडल अधिकारी के सामने विरोध प्रदर्शन कर दिया।
नोटिस पर पहुंचे, मिला जवाब ‘कोई काम नहीं’
चुनाव आयोग के नोटिस पर सैकड़ों बूथ लेबल अधिकारी दुर्गापुर वितरण-सह-प्राप्ति केंद्र पहुंचे थे। लेकिन केंद्र पहुंचने पर उन्हें बताया गया कि फिलहाल कोई काम नहीं है। भीषण गर्मी में बिना वजह बुलाए जाने से कर्मचारी भड़क गए।

न छांव मिली, न पानी का घूंट
बूथ स्तर अधिकारियों का आरोप है कि उन्हें घंटों धूप में खड़ा रखकर परेशान किया गया। केंद्र पर पीने के पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव था। नाराज कर्मचारियों ने कहा कि मतदान से पहले ही प्रशासन की यह लापरवाही बताती है कि तैयारियां कितनी अधूरी हैं।
माइक से घोषणा कर मानी ‘गलती’
स्थिति बिगड़ती देख प्रशासन ने माइक से घोषणा कर स्वीकार किया कि बूथ स्तर अधिकारियों को गलती से बुलाया गया था। अधिकारियों ने फौरन उन्हें घर लौटने और सीधे गुरुवार सुबह मतदान केंद्रों पर पहुंचने का निर्देश दिया।
चुनाव कर्मियों में भारी नाराजगी
चुनाव आयोग की इस चूक से बूथ लेबल अधिकारियों और चुनाव कर्मियों में भारी नाराजगी देखी गई। कर्मचारियों का कहना है कि 23 अप्रैल को मतदान कराना है, ऐसे में आखिरी दिन इस तरह की अव्यवस्था से मनोबल टूटता है।
पश्चिम बर्दवान में गुरुवार को 9 सीटों पर पहले चरण का मतदान है। दुर्गापुर वितरण-सह-प्राप्ति केंद्र से ही दुर्गापुर पूर्व, दुर्गापुर पश्चिम और आसपास की सीटों के लिए इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन और चुनाव सामग्री का वितरण हो रहा है।












