पत्र भेजकर सभी जत्थेदारों के बीच विवादों के समाधान को लेकर दी बधाई
बर्नपुर(भरत पासवान)। बर्नपुर गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी द्वारा समस्त पश्चिम बंगाल के सिख संगत की ओर से मंगलवार को तख्तों के सभी जथेदारों श्री अकाल तख्त साहिब एवं तख्त श्री हरिमंदिर जी पटना साहिब के बीच विवादों का ऐतिहासिक समाधान हेतु हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं का पत्र भेजा गया। पत्र में उल्लेख किया गया है ज्ञानी कुलदीप सिंह गढ़गज (जथेदार श्री अकाल तख्त साहिब पंजाब) को तख्त श्री पटना साहिब और श्री अकाल तख्त साहिब के बीच विवाद सुलझने पर हार्दिक बधायी दी गयी। बर्नपुर गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सचिव सुरेन्द्र सिंह अत्तु ने बताया कि हाल ही में हमारे दो अति सम्मानित सिख धार्मिक संस्थानों के बीच उत्पन्न गलतफहमी और टकराव ने दुनियाभर के सिखों को अत्यंत पीड़ा और चिंता में डाल दिया था। ऐसे हालात हर उस सिख के लिए दुखद होते हैं जो गुरमत के सिद्धांतों को अपने हृदय में बसाये हुये है किन्तु हम अत्यंत आभारी हैं और गर्व अनुभव करते हैं कि श्री अकाल तख्त साहिब, तख्त श्री पटना साहिब, एवं तख्त श्री दमदमा साहिब के जथेदारों और प्रतिनिधियों के विवेकपूर्ण, शांतिपूर्ण एवं सामूहिक नेतृत्व के माध्यम से यह विषय परिपक्वता, एकता और पारस्परिक सम्मान के साथ सुलझ गया। इसके अतिरिक्त बर्नपुर गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी जत्थेदार साहिबान एवं पंथक नेतृत्व का ध्यान एक अत्यंत गंभीर विषय की ओर आकर्षित करना चाहते हैं। भारतभर में आज भी कई सिख परिवार सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक भेदभाव का सामना कर रहे हैं। शिक्षण संस्थानों में अन्यायपूर्ण व्यवहार से लेकर सिखों को अपने ही देश में बाहरी कहे जाने तक की अपमानजनक टिप्पणियाँ ये सभी बातें अत्यंत पीड़ादायक और अस्वीकार्य हैं। साथ ही हमने यह भी देखा है कि कुछ सिख युवा आर्थिक तंगी, सहयोग की कमी या सामाजिक दबावों के कारण गुरमत की राह से दूर होते जा रहे हैं। इसलिए सभी जथेदार साहिबानों एवं तख्तों से करबद्ध निवेदन करते हैं कि वे इन परिवारों और व्यक्तियों को गुरमत, गुरबाणी, नाम सिमरन एवं सिखी की भावना से पुनः जोड़ने के लिए ठोस कदम उठाये।

















