पश्चिम बर्दवान जिला युवा कांग्रेस ने नो हेल्थ नो वोट अनशन सत्याग्रह की किया शुरुआत
आसनसोल। पश्चिम बर्दवान जिला युवा कांग्रेस की ओर से आसनसोल के एचएलजी मोड़ पर नो हेल्थ नो वोट अनशन सत्याग्रह की शुरुआत की गई। इस मौके पर बड़ी संख्या में युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता उपस्थित थे। इस मौके पर संगठन के अध्यक्ष रवि यादव ने बताया की आसनसोल में चिकित्सा व्यवस्था की हालत बेहद खराब हो चुकी है। रानी बांग्ला (बराकर) प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के विकास में देरी और अन्य सभी सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य व्यवस्था का लाचार अवस्था है। 2021 में विकास के लिए पहली याचिका, 2022 में हस्ताक्षर संग्रह अभियान, जुलाई 2024 में भूख हड़ताल – सीएमओएच स्तर पर बैठकों के बावजूद, कोई वास्तविक कार्रवाई नहीं देखी गई है। सीएमओएच ने एक नई इमारत के निर्माण और इसे 30 बिस्तरों तक उन्नत करने के लिए 5 करोड़ रुपया निवेश करने का वादा किया था। लेकिन एक साल बाद भी काम शुरू नहीं हुआ, एक भी ईंट नहीं रखी गई और अन्य वादे भी पूरे नहीं किए गए। बाकी सरकारी अस्पतालों की स्थिति भी ऐसी ही है, जहां डॉक्टरों और अन्य सुविधाओं का स्पष्ट अभाव है।
आसनसोल नगर निगम क्षेत्र में कुल 87 वार्डों में स्वास्थ्य केंद्रों की योजना थी, जिनमें से 30 से ज़्यादा इमारतें बनकर तैयार हो चुकी हैं। लेकिन ये इमारतें सालों से बंद पड़ी हैं। आम लोग इलाज की उम्मीद में घर लौट रहे हैं या फिर निजी अस्पतालों में इलाज कराने को मजबूर हैं। नगर निगम ने पिछले साल कहा था कि डॉक्टरों की कमी के कारण अस्पताल नहीं खुल पाया, लेकिन आज भी इसका कोई जवाब नहीं है कि इसे क्यों नहीं खोला गया। ऐसा इसलिए है क्योंकि राज्य सरकार ने 2021 के बाद डॉक्टरों की भर्ती बंद कर दी है।ईएसआई और जिला अस्पताल आधुनिक चिकित्सा सेवाओं से वंचित हैं- ईएसआई अस्पताल, जिला अस्पताल और अन्य सरकारी अस्पतालों में आईसीयू, एनआईसीयू, सीटी स्कैन, रक्त परीक्षण जैसी बुनियादी सुविधाओं का समुचित उपयोग नहीं होता है।




बिना बड़े नेताओं की सिफ़ारिश के मरीजों को आईसीयू में भर्ती नहीं किया जाता है। मरीजों को बिना इलाज के बर्दवान भेज दिया जाता है। कई मामलों में, मरीज़ या तो सड़क पर ही मर जाते हैं या बिस्तर न मिलने पर भटकते रहते हैं। यहां चौबीसों घंटे एम्बुलेंस उपलब्ध नहीं है, अधिकांश समय हेल्पलाइन भी काम नहीं करती।तृणमूल सरकार स्वास्थ्यसाथी कार्ड के नाम पर जनता को धोखा दे रही है-
सरकार दावा करती है कि 2.4 करोड़ से ज़्यादा लोग इस योजना के दायरे में हैं, 2800 अस्पताल इस योजना के अंतर्गत हैं, और 95 लाख से ज़्यादा लोगों को इसका लाभ मिला है! लेकिन असलियत क्या है?
हेल्थ कार्ड देखते ही अस्पताल वाले बता देते हैं कि बेड खाली है। अगर किसी तरह बेड मिल भी जाए, तो आधार लिंक नहीं है, नाम में छोटी सी गलती से सेवा बंद है, सर्वर डाउन है, ये बीमारी कवर नहीं होती, बच्चों का इलाज नहीं होगा। शाम 5 बजे के बाद कार्ड काम नहीं करेगा – ऐसे हज़ारों बहाने बनाकर मरीजो को सेवाएँ नहीं मिलती। अस्पताल कार्ड लेने से इनकार कर देते हैं या नकद राशि मांगते हैं। यद्यपि लाखों कार्ड जारी किए गए हैं, फिर भी आपातकालीन सेवाओं के दौरान कोई लाभ प्रदान नहीं किया जाता है।
स्वास्थ्यसाथी परियोजना अब वादों के नाम पर धोखाधड़ी से अधिक कुछ नहीं है। सरकारी अस्पताल के चिकित्सक निजी क्लीनिक चला रहे हैं, निजी नर्सिंग होम में वह ड्यूटी कर रहे हैं। लेकिन सरकारी अस्पताल में वह ज्यादा समय नहीं देते हैं। लेकिन ड्यूटी वन नर्सिंग होम में कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ब्लड बैंक में रक्त की कमी की बात कही जाती है। लेकिन रक्तदान शिविर से जब ब्लड इकट्ठा होता है वह ब्लड नर्सिंग होम में कुछ पैसों के बदले रक्त मिल जाता है। यह गोरख धंधा पिछले कई वर्षों से चल रहा है। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पताल में बेड नहीं मिलता, लेकिन जब किसी नेता का फोन आ जाता है तो वहां पर बेड मिल जाता है। अगर कोई फोन नहीं करवा पता तो उसे बर्दवान या कोलकाता रेफर कर दिया जाता है। वहां पर भी उसे धक्के खाने पड़ते हैं। उन्होंने मेयर को भी कटघरे में खड़ा किया और कहा कि मेयर के पास भी इन सब बातों का जवाब नहीं है क्योंकि वह व्यस्त हैं कि 21 जुलाई के टीएमसी की सभा में यहां से ज्यादा से ज्यादा लोगों को भेजना है। उनकी चिंता यह नहीं है कि लोगों को चिकित्सा कैसे मिले। लेकिन वह यह चिंता जरूर करते हैं कि 21 जुलाई के सभा में आसनसोल से ज्यादा से ज्यादा लोग वहां पर जाएं। उन्होंने कहा कि 1993 युवा कांग्रेस कार्यकर्ता सचित्र परिचय प्रमाण पत्र की मांग पर आंदोलन कर रहे थे। पुलिस द्वारा गोली चलाई जाने से 13 युवा कार्यकर्ताओं की मौत हो गई और आज युवा कांग्रेस द्वारा फिर से यह मांग की जा रही है कि अगर स्वास्थ्य सेवा नहीं दी गई तो नो वोट अनशन सत्याग्रह लगातार जारी रहेगा। मौके पर कांग्रेस के प्रदेश सचिव प्रसेनजीत पोईतांडी, पार्षद एसएम मुस्तफा, शाह आलम सहित अन्य नेता और कार्यकर्ता उपस्थित थे।



















