आईएसपी के आउटसोर्सिंग कार्य में बाहरी राज्य से आने वाले मजदूर हो जाए सावधान
स्थानीय बेजोरगारों को काम देने की प्राथमिकता की मांग ने पकड़ा जोर
बर्नपुर(भरत पासवान)। सेल इस्को स्टील प्लांट में 36 हजार करोड़ रुपए की राशि से आधुनिकीकरण एवं विस्तारीकरण परियोजना शुरू होने के कगार पर है। इस बीच इस्को कारखाना संलग्न इलाके के बेरोजगार युवाओं को आउटसोर्सिंग के कार्य में प्राथमिकता देने की मांग पर दो दर्जन से अधिक पार्षदों ने कारखाना प्रबंधन को पहले की ज्ञापन सौंप दिया है, जिसमें स्थानीय बेरोजगारों को काम देने के साथ सेल के दुर्गापुर स्टील प्लांट की तरह वेतन देने की मांग शामिल है। इस मांग को लेकर ने प्रबंधन बैठक कर भले ही आश्वासन दिया है लेकिन वर्तमान में कई ठेका कंपनियों द्वारा बाहर से मजदूरों को लाया जा रहा है। इसकी सूचना मिलते ही शनिवार को तृणमूल पार्षद अशोक रुद्र एवं गुरमीत सिंह आईएसपी के सेफ्टी ट्रेनिंग सेंटर पहुंचे जहां आउटसोर्सिंग कार्य के लिए नियुक्त होने वाले ठेका मजदूरों को सेफ्टी को लेकर प्रशिक्षण दिया जा रहा था। 






इस दौरान पार्षद अशोक रुद्र ने कई ठेका मजदूरों से परिचय प्राप्त किया। इस दौरान एक ठेका कर्मी ने खुद को उत्तर प्रदेश के गोरखपुर का निवासी बताया। वहीं इस दौरान यहां मौजूद ठेका कर्मियों को पार्षद अशोक रुद्र ने कहा कि यहां 80 प्रतिशत स्थानीय मजदूर दिख रहे हैं लेकिन कई बाहरी राज्य उत्तर प्रदेश, बिहार एवं झारखंड से आए हैं। जो पहले से यहां काम कर रहे हैं उन्हें कोई परेशानी नहीं होगी लेकिन बाहरी राज्य से आने वाले नए ठेका श्रमिक यहां काम करने के लिए स्वयं की जिम्मेवारी पर आए। बाहर से नए आने वाले ठेका मजदूरों को अब यहां परेशानी का सामना करना पड़ेगा। साथ ही उन्होंने स्थानीय ठेका मजदूरों को भी अपने काम के अधिकार की रखा करने का आग्रह किया। पार्षद के इस कड़े रुख से बाहर से मजदूर लाकर काम कराने वाले ठेका कंपनियों में हलचल मच गई है।


















