युवा कांग्रेस के आमरण अनशन में भारत के संविधान की ही जीत
छठवें दिन प्रशासनिक अधिकारियों ने जूस पिलाकर अनशन तोड़वाया
आसनसोल । पश्चिम बर्दवान जिला में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने की मांग में 6 दिनों से युवा कांग्रेस की तरफ से जिला अधिकारी कार्यालय मोड़ पर आमरण अनशन किया जा रहा था। उनकी मांग थी कि जिला में स्वास्थ्य व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए ताकि आम लोगों को सरकारी स्वास्थ्य सेवा पाने में परेशानी न हो। शनिवार आमरण अनशन के छठवें दिन पश्चिम बर्दवान जिला के डिप्टी मजिस्ट्रेट और डिप्टी सीएमओएच कांग्रेस के अनशन स्थल पर पहुंचे और उन्होंने अनशन कर रहे पश्चिम बर्दवान जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष रवि यादव और प्रदेश कांग्रेस सचिव प्रसेनजीत पुईतुंडी को जूस पिलाकर उनका अनशन तोड़ा।
इस मौके पर आसनसोल दक्षिण विधानसभा कांग्रेस अध्यक्ष शाह आलम ने कहा कि कांग्रेस की तरफ से आम लोगों की मांग को सामने रखकर बीते 6 दिनों से आमरण अनशन किया जा रहा था। पहले प्रशासन को लगा था कि कांग्रेस का यह अनशन कोई प्रभाव नहीं डाल पाएगा। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। शुक्रवार प्रशासन की तरफ से फोन आया था और अनशन खत्म कर लेने के लिए कहा गया था। प्रशासन की तरफ से कहा गया था कि वह कांग्रेस की मांगों पर विचार करेंगे। इस पर कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन के अधिकारियों को जवाब दिया था कि विचार करने से नहीं होगा। ठोस कदम उठाना होगा नहीं तो वरिष्ठ कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी सोमवार को आसनसोल आएंगे और वह पश्चिम बर्दवान जिला स्वास्थ्य विभाग कार्यालय के गेट पर ताला लगा देंगे। यह बात जब जिला प्रशासन के अधिकारियों का पता चली तो उनके होश उड़ गए और डिप्टी मजिस्ट्रेट और डिप्टी सीएमओएच स्तर के अधिकारी कांग्रेस के अनशन मंच पर पहुंचे और आश्वासन दिया कि उनकी मांगों को पूरा किया जाएगा।
बराकर के रानीबांग्ला अस्पताल के लिए प्रशासन द्वारा 5 करोड़ 22 लाख रुपए दिए गए हैं और टेंडर की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। प्रशासन की तरफ से आश्वासन दिया गया है कि जब तक वहां पर नया अस्पताल चालू नहीं हो जाता तब तक वहां के लोगों के लिए चिकित्सा का वैकल्पिक इंतजाम किया जाएगा। वहीं राज्य सरकार के स्वास्थ्य साथी कार्ड को लेकर लोगों को जो परेशानी हो रही है। उसे दूर करने का भी आश्वासन दिया गया है और इसके लिए निजी नर्सिंग होम में बोर्ड लगाया जाएगा। ताकि पारदर्शिता बनी रहे। कांग्रेस की एक और मांग थी सरकारी अस्पताल के डॉक्टर अपनी ड्यूटी के समय सरकारी अस्पताल में ड्यूटी नहीं करके निजी अस्पताल या क्लीनिक में मरीजों को देखते हैं। इस पर भी कदम उठाने का आश्वासन दिया गया और कहा गया कि यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सरकारी अस्पतालों के डॉक्टर अपने ड्यूटी के समय सरकारी अस्पताल में ही मरीजों का इलाज करें।
अस्पतालों में चिकित्सा कर्मियों द्वारा मरीजों और उनके परिजनों के साथ आचरण में भी बेहतरी का आश्वासन दिया गया। शाह आलम ने बताया कि प्रशासन की तरफ से इस तरह से कांग्रेस की 6 मांगों में से चार मांगे मान ले गई और बाकी दो मांगों के लिए प्रशासन ने कांग्रेस से उन्हें लिखित में देने के लिए कहा है। शाह आलम ने बताया कि यह आम जनता की जीत है और यह दिखाता है कि आज भी कांग्रेस द्वारा अगर गांधीवादी तरीके से आंदोलन किया जाए तो वह जरुर सफल होता है। वहीं कांग्रेस पर यह आरोप भी लगाया जा रहा था कि वह एचएलजी अस्पताल के सामने मंच बनाकर जोर-जोर से माईक बजा कर आंदोलन कर रहे थे। इस पर शाह आलम ने कहा कि कांग्रेस के अनशन स्थल के पीछे एक मैदान है जहां पर आए दिन बड़े-बड़े फंक्शन होते हैं। मेले लगते हैं, उत्सव होता है, वहां पर माइक बजता है तब तो अस्पताल के मरीजों को परेशानी नहीं होती कांग्रेस द्वारा आम जनता के मुद्दों को उठाते हुए तय सीमा के अंदर माइक बजाकर आंदोलन किया जा रहा था। इस पर अस्पताल के मरीजों को परेशानी कैसे हो सकती है। कल जब भारतीय जनता पार्टी द्वारा जिला शासक अधिकारी को ज्ञापन सौंपने का कार्यक्रम रखा गया था। तब माइक बजाया गया था, तब यह सवाल क्यों नहीं खड़ा हुआ। यहां पर एक और सवाल यह भी खड़ा होता है कि जब कांग्रेस द्वारा एक आंदोलन किया जा रहा था। तब उसी समय एक दूसरी पार्टी को आंदोलन करने की अनुमति प्रशासन ने कैसे दे दी।
वही पश्चिम बर्दवान जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष रवि यादव ने कहा कि यह जीत कांग्रेस की नहीं यह आम जनता की जीत है। प्रशासन को लगा होगा कि कांग्रेस के नेताओं में दम नहीं है। कुछ दिन अनशन करने के बाद खुद ही अनशन समाप्त कर लेंगे। टीएमसी के नेताओं ने भी प्रशासन को कुछ ऐसी ही हिदायत दी होगी। लेकिन टीएमसी और प्रशासन यह भूल गया कि कांग्रेस गांधी के आदर्शों पर चलने वाली पार्टी है और आज के परिपेक्ष में राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस अपना कार्य कर रही है। वहीं प्रसेनजीत पुईतुंडी ने भारत के संविधान को हाथ में लेकर कहा कि यह भारत के संविधान की जीत है। आज कांग्रेस के अनशन स्थल पर जिला प्रशासन के अधिकारी आए थे और उन्होंने कांग्रेस की मांगों को मान लिया। उन्होंने कहा कि यहां के जिला अधिकारी को लगा था कि निजी नर्सिंग होम द्वारा जो उपहार टीएमसी के नेताओं को पहुंचाया जाता है, उसके बदले प्रशासन खामोश रह सकता है। लेकिन उन्हें गांधी के खामोश प्रतिवाद की ताकत का पता नहीं था और यही वजह है कि आज प्रशासन को आम जनता की मांगों के सामने झुकना पड़ा।


















