वर्ष 2016 से 2021 तक शगुन मैरेज हॉल से नहीं मिला एक भी रुपया – विधान उपाध्याय
आसनसोल । आसनसोल नगर निगम के 23 नंबर वार्ड अंतर्गत शगुन मैरिज हॉल को लेकर रोज़ नए-नए मसले सामने आ रहे हैं। शुक्रवार मेयर विधान उपाध्याय ने एक व्यक्ति के बारे में बताया जिन्होंने शगुन मैरिज हॉल को 23 हजार रुपए देकर अपने घर के एक शादी के लिए बुक किया था। लेकिन शादी से पहले उनकी माता जी की तबीयत बिगड़ गई और काफी खर्च हुआ। इस वजह से उन्होंने शादी को रद्द किया और वह चाहते थे कि 23 हजार रुपए देकर उन्होंने शगुन मैरिज हॉल जो बुक किया था। वह 23 हजार रुपए उन्हें वापस मिले।
इसके लिए वह मेयर से भी मिले थे। मेयर ने शगुन मैरिज हॉल का संचालन करने वाले संस्था को वह रुपए वापस देने के लिए भी कहा था। लेकिन मेयर ने बताया कि इसके बावजूद उनका वह पैसा वापस नहीं दिया गया। इसके सारे कागजात उसे व्यक्ति ने मेयर को दिया है। विधान उपाध्याय ने कहा कि सीके रेशमा द्वारा 2016 से शगुन मैरिज हॉल का संचालन किया जा रहा है। लेकिन 2021 से पहले सीके रेशमा द्वारा नगर निगम में पैसा जमा करने का कोई कागज या रसीद नहीं है। 2021 के बाद 4 साल में उन्होंने कुल मिलाकर लगभग 5 से साढ़े पांच लाख रुपए के आसपास दिए हैं। लेकिन 2021 से पहले पैसा देने का कोई राशि दिया कागज नगर निगम के पास नहीं है। वहीं इस बारे में जब हमने आसनसोल नगर निगम के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर आरके श्रीवास्तव से बात की तो उन्होंने कहा कि आज आसनसोल उत्तर थाना के अधिकारी उनके पास आए थे और उसे दिन की घटना के बाद नगर निगम द्वारा जो लिखित शिकायत पुलिस में दर्ज कराई गई थी। उससे संबंधित कुछ कागजात लेकर वह गए। उन्होंने कहा कि वर्तमान में आसनसोल वूमेन’एस वेलफेयर एसोसिएशन का शगुन मैरिज हॉल के संचालन में कोई अधिकार नहीं है। लेकिन फिर भी बैक डेट दिखाकर संचालन किया जा रहा है। इस पर मेयर विधान उपाध्याय कानूनी सलाहकारों से सलाह लेकर कोई कदम उठाएंगे।
















