डॉ अनिंद्य सुंदर मंडल प्रधानमंत्री के विकास कार्यों से प्रेरित होकर भाजपा में हुए शामिल
आसनसोल(परितोष सन्याल)। आसनसोल गोपाल नगर के रहने वाले देवाशीष भट्टाचार्य ने शिल्पांचल टुडे के संवाददाता परितोष सन्याल से साथ बातचीत के क्रम में कहा कि उनके बचपन के दोस्त डॉ अनिंद्य सुंदर मंडल ने भाजपा में शामिल होने का फैसला लिया है।
देवाशीष भट्टाचार्य ने कहा कि उनके दोस्त डॉक्टर मंडल उनके बचपन के दोस्त हैं। रामकृष्ण मिशन आसनसोल से उन्होंने कक्षा 10 की पढ़ाई की थी। वहां से स्टार मार्क्स के साथ उन्होंने माध्यमिक परीक्षा उत्तीर्ण किया था। इसके बाद वह बेलूर मठ में रामकृष्ण मिशन में पढ़ने के लिए गए। वहां से भी उच्च माध्यमिक परीक्षा में वह अव्वल आए। इसके बाद उन्होंने दिल्ली के एम्स में एनेस्थीसिया को लेकर पढ़ाई की। इसके उपरांत वह लंदन चले गए और वहां पर भी उन्होंने अमेरिका और यूरोप में चिकित्सा के क्षेत्र में जितने भी बड़ी डिग्रियां हैं सब हासिल की। देवाशीष भट्टाचार्य ने कहा कि कहा जा सकता है कि आज डॉक्टर मंडल के पास चिकित्सा क्षेत्र में उच्चतम डिग्रियां हैं और उनके जैसा शिक्षित और मेधावी इंसान बहुत कम देखने को मिलता है। इसके बावजूद वह एक बहुत ही सादा जीवन जीते हैं। अपने रोजगार का 75 फीसदी हिस्सा डॉक्टर मंडल दान कार्यों में लगा देते हैं। सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी जहां पर भी जरूरतमंदों को आवश्यकता होती है। डॉक्टर मंडल दान करते हैं और अपने जीवन को वह बहुत ही सादगी के साथ जीते हैं। देवाशिष भट्टाचार्य ने कहा कि ऐसे एक व्यक्ति के सार्वजनिक जीवन में आने से समाज का जो फायदा होगा वह शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता।
वहीं डॉक्टर अनिंद्य सुंदर मंडल से पूछा गया कि आपके पिता वामपंथी नेता थे, आप भाजपा में क्यों शामिल हुए। उन्होंने कहा कि उनके पिता का विचार धारा उदर था। वे कभी भी अपने बच्चों को विचार धारा में कभी भी कोई हस्तक्षेप नहीं किए। वे अपने विचार व्यक्त करते थे। वहीं हम भाई बहनों के विचार को सुनते भी थे। डॉक्टर अनिंद्य सुंदर मंडल ने कहा कि उनके पिता वामपंथी थे, माकपा के लिए बहुत कार्य भी किए, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति उनका श्रद्धा बहुत थी, उनके विकास कार्यों को वे बहुत सराहना भी करते थे। अपने पिता जी से प्रेरित होकर उन्होंने नरेंद्र मोदी के विकास कार्यों को देखते हुए भाजपा में शामिल हुए। वहीं उन्होंने कहा कि पार्टी उन्हें जो निर्देश देगा, वह उसी निर्देश का पालन करके काम करेंगे। फिलहाल वह अब भारत में ही रहेंगे। लंदन में रहकर पार्टी का कार्य नहीं कर सकते है। उन्होंने कहा कि भाजपा जिस प्रकार से सक्रिय रूप से काम कर रहा है, उनका सोचना है कि वे भी भाजपा में सक्रिय होकर अपना योगदान करेंगे। धर्म धर्म की जगह और राजनीतिक राजनीतिक की जगह है। राजनीतिक को वे धर्म के साथ नहीं मिलते हैं। अनिंद्य सुंदर मंडल ने कहा कि वे विदेश में रहते हैं, विदेश में नरेंद्र मोदी का बहुत सुनाम है। बीजेपी में शामिल होने के लिए और ज्यादा उद्वेग हुआ। उन्होंने कहा वे दिल्ली में भाजपा में शामिल हुए। उनके मित्र डॉक्टर जयंत राय ने जलपाईगुड़ी से दो बार सांसद बने हैं। उनको हम बहुत बार बोले थे कि हम भाजपा में शामिल होना चाहते है। डॉक्टर जयंत राय ने कहा था कि बहुत अच्छी बात है मगर राजनीति में पॉजिटिव और नेगेटिव दोनों है पहले अच्छी से सोच समझ लो। उसके बाद 2025 में चैत्र नवरात्रा में वे लंदन से दिल्ली पहुंचे। उसके एक दिन बाद कोलकाता के साल्टलेक मुख्य कार्यालय में डॉक्टर जयंत राय, पुरुलिया के सांसद ज्योर्तिमय महतो और अमिताभ चक्रवर्ती सहित अन्य नेताओं की उपस्थिति में भाजपा में शामिल हुए।














