दुर्गापुर की पायल की कहानी: अंतरराष्ट्रीय मंच पर रूपा जीतने के बावजूद पढ़ाई का खर्च नहीं
दुर्गापुर । दुर्गापुर के बेनाचिति के नेताजी कॉलोनी की रहने वाली पायल बाउड़ी ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की योगा प्रतियोगिताओं में भाग लेकर रूपा पदक जीता है। लेकिन पढ़ाई का खर्च नहीं होने के कारण उनका भविष्य चिंताजनक है।
पायल के परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत खराब है। उनके पिता गणेश बाउड़ी टोटो चलाते हैं, माता गृहिणी हैं और भाई दसवीं कक्षा में पढ़ता है। परिवार में आर्थिक तंगी है। पायल कहती हैं, “पिताजी की कमाई बहुत कम है। घर का खर्च मुश्किल से चलता है। प्रतियोगिताओं के लिए विदेश जाने का खर्च हमारे परिवार के लिए संभव नहीं है।”
पायल की योगा प्रशिक्षक शुभ्रा दास कहती हैं, “पायल ने बहुत कम समय में खुद को पारंगत बनाया है। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में सोना जीतने की क्षमता है। योगा के साथ-साथ पढ़ाई भी जारी रखना चाहती है, लेकिन सफलता के रास्ते में एकमात्र बाधा – पैसा है।”






