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पांडवेश्वर बना एआई चुनावी प्रचार का हॉटस्पॉट, इंटरनेट पर छिड़ी डिजिटल जंग

पांडवेश्वर । पश्चिम बर्दवान जिले की नौ विधानसभा सीटों में इस बार सबसे ज्यादा चर्चा पांडवेश्वर विधानसभा की हो रही है। चुनाव की आधिकारिक घोषणा से पहले ही यहां सोशल मीडिया पर एआई वीडियो के जरिए चुनावी प्रचार और एक-दूसरे पर हमलों का दौर तेज हो गया है।

2021 का चुनावी परिणाम: कांटे की टक्कर
2021 के नरेंद्रनाथ चक्रवर्ती और जितेंद्र तिवारी के बीच मुकाबला बेहद करीबी रहा था।
नरेंद्र नाथ चक्रवर्ती (तृणमूल कांग्रेस) — 73,922 वोट
जितेंद्र तिवारी (भाजपा) — 70,119 वोट
जीत का अंतर — 3,803 वोट
साफ है कि पांडवेश्वर सीट पर मुकाबला बेहद कड़ा रहा, जिसने इस बार भी राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है।
डिजिटल टकराव: फिर आमने-सामने वही चेहरे
इस बार भी मुकाबला पूर्व विधायक जितेंद्र तिवारी और वर्तमान विधायक नरेंद्र नाथ चक्रवर्ती के बीच माना जा रहा है।
दोनों खेमों के समर्थक एआई तकनीक का सहारा लेकर वीडियो बना रहे हैं।
वीडियो में तंज, व्यंग्य और आरोपों की बौछार देखने को मिल रही है।
सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे ये वीडियो माहौल को और गर्म कर रहे हैं।
एआई वीडियो: प्रचार का नया हथियार
एआई तकनीक ने चुनावी प्रचार का तरीका बदल दिया है।
विपक्ष और सत्ता पक्ष एक-दूसरे की छवि पर डिजिटल प्रहार कर रहे हैं।
भाषण, गाने और व्यंग्यात्मक क्लिप्स से मतदाताओं को लुभाने की कोशिश।
चुनावी मुद्दों को मनोरंजन के अंदाज में पेश किया जा रहा है।
विश्लेषकों के अनुसार, यह ट्रेंड खासकर युवा मतदाताओं को प्रभावित करने की रणनीति है।
सोशल मीडिया पर ‘मनोरंजन’ या ‘रणनीति’?
अब राजनीतिक जंग सिर्फ रैलियों तक सीमित नहीं है।
फेसबुक, व्हाट्सऐप और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म पर एआई वीडियो छाए हुए हैं।
लोग इन्हें मनोरंजन की तरह देख रहे हैं।
वहीं पार्टियां इसे चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा बना रही हैं।
पोस्टर-बैनर कारोबार पर असर
डिजिटल प्रचार के बढ़ते प्रभाव से पारंपरिक प्रचार माध्यम प्रभावित हो रहे हैं।
बैनर-पोस्टर की मांग में गिरावट की आशंका।
प्रचार का बजट डिजिटल प्लेटफॉर्म की ओर शिफ्ट।
स्थानीय प्रिंटिंग कारोबारियों में चिंता।
इंटरनेट बनाम जमीनी हकीकत
हालांकि चुनाव की घोषणा अभी बाकी है, लेकिन पांडवेश्वर का माहौल पूरी तरह चुनावी हो चुका है।
कुछ अनुभवी लोगों का मानना है कि सोशल मीडिया की लहर और जमीनी सच्चाई में बड़ा अंतर होता है।
ऑनलाइन ट्रेंड करना और मतदान केंद्र तक मतदाताओं को लाना — दोनों अलग बातें हैं।
निष्कर्ष
पश्चिम बर्दवान की नौ सीटों में पांडेश्वर विधानसभा इस समय इंटरनेट पर सबसे ज्यादा चर्चित और ‘मनोरंजन फुल’ सीट बन चुकी है।
अब देखना दिलचस्प होगा कि एआई का यह डिजिटल दांव असली चुनावी नतीजों में कितना असर दिखाता है।

 

  

        

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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