चुनाव आयोग की सख्ती: सीईसी ज्ञानेश कुमार ने डीएम, एसपी की बैठक में दो टूक संदेश, हिंसा और लापरवाही बर्दाश्त नहीं
कोलकाता । कोलकाता में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने राज्य के सभी डीएम और एसपी की बैठक में दो टूक संदेश दिया है कि चुनाव में हिंसा और लापरवाही बिल्किल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने एडीजी विनीत गोयल को भी धमकाया है। यह बैठक पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की तैयारियों के मद्देनजर आयोजित की गई थी।
ज्ञानेश कुमार ने कहा कि चुनाव आयोग की प्राथमिकता निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करना है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में कानून व्यवस्था बनाए रखें और किसी भी तरह की हिंसा या अनियमितता को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाएं।
बैठक के मुख्य बिंदु और चुनाव आयोग के निर्देश:
हिंसा पर जीरो टॉलरेंस: ज्ञानेश कुमार ने स्पष्ट किया कि चुनाव के दौरान किसी भी प्रकार की हिंसा या कानून-व्यवस्था में ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि कानून अपने हाथ में लेने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करें।
लापरवाही के खिलाफ कार्रवाई: हाल ही में वैधानिक कर्तव्यों में लापरवाही बरतने के कारण पश्चिम बंगाल के 7 अधिकारियों को निलंबित करने का निर्देश दिया गया है, जो आयोग के सख्त रुख को दर्शाता है।
मतदाता सूची में शुद्धता: विशेष गहन संशोधन (SIR) प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची की शुद्धता पर जोर दिया गया है। आयोग ने जिला निर्वाचन अधिकारियों को फर्जी प्रविष्टियों को हटाने और दस्तावेज़ीकरण में किसी भी त्रुटि के लिए जवाबदेही तय करने का निर्देश दिया है।
सुरक्षा और वेबकास्टिंग: संवेदनशील और हिंसा की पृष्ठभूमि वाले बूथों पर अतिरिक्त माइक्रो-ऑब्जर्वर तैनात करने और अनवरत वेबकास्टिंग अनिवार्य करने का निर्णय लिया गया है।
अधिकारियों को चेतावनी: कूचबिहार, जलपाईगुड़ी, मालदा, उत्तर और दक्षिण 24 परगना और पूर्व मेदिनीपुर जैसे जिलों के जिला मजिस्ट्रेटों को काम में कमियों के लिए फटकार लगाई गई है।












