‘दी 5 साल कहां थीं?’: आसनसोल दक्षिण में बीजेपी की अग्निमित्रा पाल को गांव-गांव ‘गो बैक’ के नारे, टीएमसी के तापस बनर्जी को विकास पुरुष बता रहे लोग
आसनसोल । आसनसोल दक्षिण विधानसभा सीट पर भाजपा प्रत्याशी अग्निमित्रा पाल का जनसंपर्क अभियान मुश्किलों से घिर गया है। शहरी से लेकर ग्रामीण इलाकों तक, जहां-जहां अग्निमित्रा पाल पहुंच रही हैं, उन्हें कड़े विरोध का सामना करना पड़ रहा है। कई जगहों पर टीएमसी समर्थकों ने ‘गो बैक’ के नारे लगाकर उनका रास्ता रोका।
‘जीत के बाद शक्ल नहीं दिखाई’
विरोध कर रहे ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। लोगों ने कहा, “2021 में चुनाव जीतने के बाद दीदी 5 साल तक इलाके में लोगों से मिलने ही नहीं आईं। विकास का कोई काम नहीं हुआ। सिर्फ कोयला, लोहा और बालू पर मीडिया कवरेज करवाती रहीं। ग्रामीण जनता के लिए कुछ नहीं किया।”स्थानीय लोगों का आरोप है कि अग्निमित्रा पाल ने रेलवे के कार्यों को भी अपनी उपलब्धि में गिनवा दिया, जबकि जमीनी स्तर में देखा जाए तो विकास का कोई काम नहीं की।
तापस बनर्जी के नाम पर ‘विकास की मुहर’
दूसरी तरफ तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार तापस बनर्जी को लेकर जनता की राय एकदम उलट है। लोगों का कहना है कि अड्डा के चेयरमैन रहते हुए तापस बनर्जी ने ग्रामीण से शहरी क्षेत्र तक काम करवाए। पिछले 5 साल रानीगंज के विधायक के तौर पर भी उन्होंने क्षेत्र में कई विकास कार्य कराए।
‘इस बार रिकॉर्ड जीत, रिकॉर्ड हार तय’
इलाका वासियों में चर्चा तेज है कि तापस बनर्जी इस बार भारी बहुमत से जीत दर्ज करेंगे। वहीं अग्निमित्रा पाल को लेकर लोगों का मानना है कि उन्हें भारी बहुमत से हार का सामना करना पड़ सकता है।
आसनसोल दक्षिण की सड़कों पर ‘गो बैक’ के नारे और ‘विकास पुरुष’ के पोस्टर बता रहे हैं कि यहां लड़ाई अब एकतरफा होती दिख रही है। 23 अप्रैल को वोटिंग है, लेकिन जमीन पर माहौल टीएमसी के पक्ष में नजर आ रहा है।












