‘सिर्फ सफर नहीं, स्वच्छता का वादा’: पूर्वी रेलवे के स्काउट्स-गाइड्स ने 6 जिलों में चलाया स्वच्छता अभियान, ट्रेन से लेकर कॉलोनी तक जगाई अलख
कोलकाता । पूर्वी रेलवे ने ‘स्वच्छ भारत, स्वच्छ रेल’ अभियान को जन-आंदोलन में बदल दिया है। 17 अप्रैल 2026 को अभियान के तीसरे दिन पूर्वी रेलवे भारत स्काउट्स एंड गाइड्स (ERBSG) के 80 से ज्यादा सदस्यों ने 6 जिलों में एक साथ स्वच्छता की अलख जगाई। स्टेशनों, ट्रेनों और रेलवे कॉलोनियों को ‘बदलाव का गलियारा’ बनाने की यह पहल यात्रियों को भी जिम्मेदारी का पाठ पढ़ा गई।
आसनसोल: चलती ट्रेन में पाठशाला
आसनसोल जिले में 25 स्काउट्स, गाइड्स, रोवर्स और रेंजर्स ने 18184 बक्सर-टाटानगर एक्सप्रेस और 63518 आसनसोल-बर्धमान पैसेंजर में कोच-दर-कोच जाकर यात्रियों से संवाद किया। ‘कूड़ा ट्रैक पर नहीं, डस्टबिन में’ और ‘प्लास्टिक को ना’ का संदेश देकर उन्होंने सैकड़ों यात्रियों को स्वच्छता का संरक्षक बनने के लिए प्रेरित किया।
मालदा से सियालदह तक गूंजा संदेश
मालदा जिले में 13033 डाउन हावड़ा-कटिहार एक्सप्रेस में जागरूकता अभियान चलाया गया। वहीं सियालदह जिले के बैरकपुर ग्रुप ने स्टेशन परिसर, फूड स्टॉल, रेलवे कॉलोनी और कार्यालयों तक अभियान को पहुंचाया। उनका संदेश साफ था— ‘स्वच्छ परिवेश, स्वस्थ जीवन’।
कटवा में बोले प्लेकार्ड, कांचरापाड़ा में नुक्कड़ नाटक
कटवा स्टेशन पर प्लेकार्ड के जरिए अनुशासन और स्वच्छता का संदेश दिया गया। उधर कांचरापाड़ा जिला संघ के साउथ ग्रुप ने 55 प्रतिभागियों के साथ पोस्टर, रोड रैली और नुक्कड़ नाटक के जरिए माहौल बना दिया। दिन का अंत जिला प्रशिक्षण केंद्र में श्रमदान कर कचरा साफ करके किया गया।
बीबीडी बाग से माझेरहाट तक संवाद
सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट के घोलेशापुर ग्रुप ने बीबीडी बाग स्टेशन और 30321 माझेरहाट-हासनाबाद लोकल व 30346 बंगांव-माझेरहाट लोकल में यात्रियों से बात कर बताया कि ‘सार्वजनिक जगहें तभी चमकती हैं जब जिम्मेदारी साझा हो’।
‘हर यात्री बने भागीदार’
पूर्वी रेलवे के इस अभियान ने साफ कर दिया कि रेलवे सिर्फ सफर का जरिया नहीं, बल्कि स्वच्छ भारत के वादे का वाहक भी है। स्काउट्स-गाइड्स की यह पहल हर स्टेशन को ताजा सांस और हर यात्रा को देखभाल का प्रतीक बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।












