‘चुनाव ड्यूटी में गईं बसें, आसनसोल में यात्री परेशान: 20 रुपये की जगह ऑटो वाले वसूल रहे 100 रुपये, मतदान कर्मी भी फंसे’
आसनसोल । पहले चरण के मतदान से ठीक एक दिन पहले आसनसोल शिल्पांचल में आम यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। विभिन्न रूटों की सैकड़ों बसें चुनाव ड्यूटी में ले ली गई हैं, जिसके चलते बस स्टैंड पर सन्नाटा पसरा है और यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
’10-20 की जगह देने पड़ रहे 100 रुपये’
आज आसनसोल बस स्टैंड का जायजा लेने पर पता चला कि बसें न होने से लोग घंटों इंतजार कर रहे हैं। मजबूरी में ऑटो और टोटो का सहारा लेना पड़ रहा है, लेकिन चालक मनमाना किराया वसूल रहे हैं।
यात्रियों ने बताया, “बस से जहां 10 या 20 रुपये में सफर हो जाता था, वहीं अब ऑटो में प्रति व्यक्ति 100 रुपये देने पड़ रहे हैं। चुनाव जरूरी है, लेकिन आम लोगों को इस तरह परेशान करना कहां तक सही है?”
मतदान कर्मी भी हुए परेशान
हैरानी की बात यह है कि ड्यूटी पर जा रहे मतदान कर्मी भी बस न मिलने से परेशान दिखे। कई कर्मियों ने कहा, “हम खुद पोलिंग बूथ कैसे पहुंचें, यही समझ नहीं आ रहा। कोई बस या दूसरा वाहन उपलब्ध नहीं है।”
ऑटो चालकों का तर्क: ‘समाज सेवा कर रहे हैं’
ज्यादा किराया लेने के सवाल पर एक ऑटो चालक ने कहा, “हम ज्यादा किराया भले ले रहे हैं, लेकिन दरअसल समाज सेवा कर रहे हैं।”हालांकि यात्री सवाल उठा रहे हैं कि 10-20 की जगह 100 रुपये लेकर कैसी समाज सेवा हो रही है।
आईएनटीटीयूसी नेता भी पहुंचे बस स्टैंड
आईएनटीटीयूसी के श्रमिक नेता राजू अहलूवालिया ने कहा, “चुनाव के लिए बसें ले जाना जरूरी है, लेकिन नियमित यात्रियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था भी होनी चाहिए।” जब उन्हें पता चला कि टोटो-ऑटो वाले मौके का फायदा उठाकर ज्यादा किराया ले रहे हैं तो वह खुद बस स्टैंड पहुंचे।
प्रशासन के सामने चुनौती
मतदान कर्मियों और सुरक्षा बलों के आवागमन के लिए बसें लेना जरूरी है। लेकिन 23 अप्रैल को मतदान से पहले आम लोगों और ड्यूटी पर जा रहे कर्मियों के लिए वैकल्पिक ट्रांसपोर्ट न होना बड़ी चूक मानी जा रही है। जिला प्रशासन से यात्रियों ने मांग की है कि कम से कम सिटी रूट्स पर कुछ बसें चलाई जाएं ताकि राहत मिल सके।












