नेता टूर पर, कर्मी परेशान’: पश्चिम बर्दवान में TMC में बगावत के सुर, 15 साल की सत्ता के बाद कार्यकर्ताओं से दूरी
आसनसोल, 17 जून 2026। पश्चिम बर्दवान में तृणमूल कांग्रेस के ऊपर से नीचे तक कार्यकर्ताओं में विश्वासभंग की स्थिति है। नेताओं पर कर्मियों का साथ न देकर भ्रमण विलास में व्यस्त रहने के आरोप लग रहे हैं। इससे BJP को राजनीतिक राहत मिली है।
’62 में 61 पंचायत TMC की, फिर भी कर्मी नाराज’
रिपोर्ट के मुताबिक, पश्चिम बर्दवान जिले की 62 में 61 पंचायतों पर TMC का निरंकुश बहुमत है। 8 पंचायत समिति और जिला परिषद की सभी सीटें भी TMC के पास हैं। नगर निगम और नगर पालिकाओं में भी अधिकांश पार्षद TMC के हैं। दोनों MP भी TMC से हैं। इसके बावजूद शिल्पांचल के TMC कर्मी अपने नेताओं को ढूंढ नहीं पा रहे।
‘15 साल से सत्ता का मलाई खाने वाले गायब’
पूर्व मंत्री से लेकर पूर्व जिला सभापति तक सभी अंतर्ध्यान हैं। 15 साल तक सरकार की मलाई खाने वाले नेता अब भ्रमण गाइड बन गए हैं। सोशल मीडिया पर कोई राजनीतिक पोस्ट नहीं, असहाय कर्मियों के साथ खड़े होने की कोई पहल नहीं। उल्टे भिन्न जगहों पर घूमने की तस्वीरें पोस्ट कर रहे हैं। प्रभावशाली पुलिस अफसरों के जन्मदिन पर शुभकामनाएं देने पहुंच जाते हैं।
‘BJP से हार के बाद मानसिक रूप से बिखरे’
2026 के वोट में विपुल TMC की हार हुई। बर्दवान जिले की 9 विधानसभा सीटों पर BJP ने जीत दर्ज की। हार के धक्के से नेता अभी तक उबर नहीं पाए। मानसिक रूप से विपर्यस्त नेताओं का असली रूप अब सामने आ रहा है।
‘पुलिस वाले को बर्थडे विश, कर्मियों को नहीं’
रिपोर्ट में दावा है कि TMC के शहर सभापति ने सोशल मीडिया पर भ्रमण की तस्वीरें डालीं। एक बरो चेयरमैन ने पुलिस अफसर के जन्मदिन पर घंटाभर पोस्ट किया। पार्टी के लिए हमले झेलने वाले कर्मियों के साथ नेता नहीं हैं। इससे जमीनी कार्यकर्ता हताश हैं।
‘दो मंत्री भी लापता’
पश्चिम बर्दवान में TMC सरकार के दो मंत्री थे-
प्रदीप मजूमदार और मलय घटक। हार के बाद शिल्पांचल में दोनों का पता नहीं। जून महीने में सोशल मीडिया पर कोई राजनीतिक पोस्ट नहीं। पूर्व विधायक भी राजनीतिक रूप से उदासीन।
पूर्व विधायक बोले- ‘सन्यास लेना बेहतर’
TMC के पूर्व विधायक तापस बनर्जी ने कहा, “जिस तरह राजनीति से लोगों का भरोसा उठ रहा है, उसमें राजनीति से सन्यास लेना ही बेहतर है।”














