एआई क्रांति की ओर ईसीएल का ऐतिहासिक कदम: एनआईटी दुर्गापुर के सहयोग से 500 अधिकारियों के लिए मेगा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं मशीन लर्निंग प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ
सांकतोरिया, 23 जून 2026। डिजिटल परिवर्तन, तकनीकी नवाचार और भविष्य के लिए तैयार कार्यबल के निर्माण की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए, ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) ने राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी), दुर्गापुर के प्रतिष्ठित संकाय सदस्यों के सहयोग से 500 अधिकारियों के लिए व्यापक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) एवं मशीन लर्निंग (ML) प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया है।
कोयला उद्योग में तकनीक-आधारित परिवर्तन के नए युग का सूत्रपात करने वाली यह महत्वाकांक्षी पहल ईसीएल की नवाचार, परिचालन उत्कृष्टता और संगठनात्मक आधुनिकीकरण के प्रति दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाती है। यह कार्यक्रम कोल इंडिया लिमिटेड की उस दूरदर्शी रणनीति के अनुरूप है, जिसके तहत उभरती हुई प्रौद्योगिकियों के माध्यम से दक्षता, पारदर्शिता और डेटा-आधारित निर्णय प्रणाली को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन 22 जून 2026 को ईसीएल के मानव संसाधन विकास (एचआरडी) केंद्र में श्री गुंजन कुमार सिन्हा, निदेशक (मानव संसाधन), ईसीएल द्वारा किया गया था। यह पहल विशेष रूप से कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित परियोजनाओं और स्मार्ट निगरानी प्रणालियों को संगठन की कार्यप्रणाली में समाहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध होगी।
प्रशासनिक, परिचालन, वित्तीय, मानव संसाधन एवं तकनीकी क्षेत्रों में एआई एवं एमएल की बढ़ती भूमिका को देखते हुए, ईसीएल ने अपने अधिकारियों को अत्याधुनिक तकनीकी ज्ञान, व्यावहारिक कौशल और नवोन्मेषी सोच से सशक्त बनाने के उद्देश्य से इस व्यापक क्षमता-विकास अभियान की शुरुआत की है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम संगठन में डेटा-संचालित निर्णय-निर्माण, प्रक्रिया अनुकूलन, पूर्वानुमान आधारित विश्लेषण तथा नवाचार की संस्कृति को और अधिक सुदृढ़ करेगा।
ईसीएल के एचआरडी विभाग एवं एनआईटी दुर्गापुर के विशेषज्ञ संकाय सदस्यों के संयुक्त प्रयास से संचालित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 22 जून 2026 से चरणबद्ध तरीके से चल रहा है। इसके अंतर्गत कुल 10 प्रशिक्षण बैचों की योजना बनाई गई है, जिनमें प्रत्येक बैच के लिए दो दिवसीय गहन प्रशिक्षण सत्र आयोजित होंगे।
इनमें से छह बैचों में ईसीएल मुख्यालय, सोदपुर क्षेत्र, बंकोला क्षेत्र, सालानपुर क्षेत्र, एस.पी. माइंस क्षेत्र, राजमहल क्षेत्र तथा सतग्राम-श्रीपुर क्षेत्र के अधिकारी एचआरडी केंद्र में प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। वहीं शेष चार बैचों के अधिकारी, जो सोनेपुर बाजारी, कुनुस्तोरिया, केंदा, पांडवेश्वर, झांझरा तथा काजोरा क्षेत्रों से संबंधित हैं, उन्हें सोनेपुर बाजारी प्रशिक्षण केंद्र में प्रशिक्षित किया जाएगा।
ईसीएल के डिजिटल नेतृत्व को और अधिक सशक्त बनाने के उद्देश्य से ई-8 ग्रेड एवं उससे ऊपर के वरिष्ठ अधिकारियों, जिसमें निदेशकगण तथा अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक, ईसीएल भी शामिल हैं, के लिए एक विशेष एकदिवसीय एआई एवं एमएल नेतृत्व प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा। यह विशेष सत्र 3 जुलाई एवं 6 जुलाई 2026 को एनआईटी दुर्गापुर में संपन्न होगा।
इस अवसर पर अपने संबोधन में श्री गुंजन कुमार सिन्हा, निदेशक (मानव संसाधन), ईसीएल ने कहा कि वर्तमान दौर में तकनीकी परिवर्तन की गति अभूतपूर्व है और ऐसे समय में निरंतर सीखना तथा नई प्रौद्योगिकियों को अपनाना सफलता की कुंजी बन चुका है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग जैसी परिवर्तनकारी तकनीकें ईसीएल की परिचालन दक्षता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने, निर्णय-निर्माण प्रक्रियाओं को और अधिक प्रभावी बनाने तथा सतत एवं समावेशी विकास को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
इस दूरदर्शी पहल के माध्यम से ईसीएल ने एक बार फिर यह साबित किया है कि वह केवल ऊर्जा उत्पादन में ही नहीं, बल्कि तकनीकी नवाचार, डिजिटल उत्कृष्टता और भविष्य की कार्यसंस्कृति के निर्माण में भी अग्रणी भूमिका निभाने के लिए प्रतिबद्ध है। एआई-सक्षम भविष्य की ओर बढ़ता यह कदम न केवल ईसीएल, बल्कि संपूर्ण कोयला उद्योग के लिए परिवर्तन और प्रगति का एक नया अध्याय लिखने जा रहा है।














