“सनातन का अपमान काल को न्योता देने जैसा: सुरेन जालान ने अखिलेश यादव पर साधा निशाना”
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आसनसोल। आसनसोल के जाने-माने व्यवसायी सुरेन जालान ने सनातन धर्म और रामलला के मुद्दे पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा सनातन का विरोध एवं धार्मिक ग्रंथों का अपमान करना अपने काल को निमंत्रण देने जैसा है।
कुछ विरोधी पार्टी, खासतौर से समाजवादी पार्टी, अखिलेश यादव की पार्टी और स्वयं अखिलेश जी भारत की आजादी में एवं रामलला के अस्तित्व पर हमेशा सवाल उठाते रहते हैं, केवल अपनी सत्ता लोभी सोच के कारण। वे योगी और मोदी जी की बढ़ती हुई लोकप्रियता को सहन नहीं कर पा रहे हैं।
जो अखिलेश यादव अपने परिवार के नहीं हुए, और अपने पिताजी के रहते हुए उन्हें कितनी मानसिक प्रताड़ना उनके द्वारा दी गई। वह आज राम मंदिर में चोरी का मुद्दा उठाकर पूरे सनातन धर्मावलंबियों को बदनाम कर रहे हैं। जिसका उन्हें किसी भी प्रकार से कानूनी रूप से एवं सनातनी विचारधारा से हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं है।
आपने तो 2026 बंगाल चुनाव में ममता दीदी के शासन का खूब गुणगान किया था एवं दीदी को शाल पहना कर गए थे। मगर प्रभु की इच्छा एवं रामलला के समर्थकों ने ऐसा जवाब आपको और ममता दीदी को दिया। यह सोचने का विषय है।
आए दिन आप भारत के सनातनियों के प्रति मीडिया में आकर दुष्प्रचार करते रहते हैं। वर्तमान समय में आप 2027 चुनाव को देखते हुए केवल तुष्टिकरण की राजनीति कर रहे हैं। आपके द्वारा मुस्लिम भाइयों एवं कुछ सनातनी भाइयों को साथ मिलाकर हनुमान मंदिर में भंडारा एवं पूजा-पाठ दिखाया जा रहा है इस समय। ये राजनीति की दुकानदारी 2027 के निर्वाचन में अब नहीं चलेगी।
समय रहते हुए भगवान राम जी के आदर्शों को समझें एवं उनके मार्गदर्शन का अनुसरण करें। उम्र भी काफी हो चुकी है आपकी। समय रहते समय का सदुपयोग देशहित एवं जनहित में करें।














