डिसरगढ़ में दर्दनाक हादसा: स्कूल से लौटाए जाने के बाद नदी में डूबे 3 छात्र, 10वीं के मासूमों की मौत से इलाके में मातम
कुल्टी, 29 जून 2026। कुल्टी थाना क्षेत्र के डिसरगढ़ में दामोदर नदी ने सोमवार को तीन घरों के चिराग बुझा दिए। नहाने के दौरान डूबने से कक्षा 10 के तीन छात्रों की दर्दनाक मौत हो गई। इस हृदयविदारक घटना से पूरे इलाके में शोक की लहर है और पीड़ित परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है।
स्कूल से लौटाए जाने के बाद नदी की ओर गए छात्र:
जानकारी के मुताबिक, नियामतपुर के एक निजी अंग्रेजी माध्यम स्कूल के 8 छात्र शनिवार को स्कूल नहीं पहुंच सके थे। आरोप है कि इसी वजह से सोमवार को स्कूल प्रबंधन ने उन्हें गेट पर ही रोक दिया और परिसर में प्रवेश नहीं दिया।
निराश होकर सभी छात्र डिसरगढ़ स्थित दामोदर नदी किनारे एक मैदान में पहुंच गए। वहां उन्होंने क्रिकेट खेलकर मन बहलाने की कोशिश की। खेल के बाद थकान उतारने के लिए 3 छात्र नदी में उतर गए। नदी की गहराई का अंदाजा न होने के कारण तीनों अचानक तेज धारा में बह गए और डूबने लगे।
बचाने की कोशिश नाकाम, अस्पताल में तोड़ा दम:
साथियों की चीख-पुकार सुनकर स्थानीय लोग और कुल्टी थाना पुलिस मौके पर दौड़ी। स्थानीय गोताखोरों की मदद से तीनों छात्रों को पानी से बाहर निकाला गया। तुरंत उन्हें आसनसोल जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद तीनों को मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है कि स्कूल द्वारा प्रवेश से रोकना और छात्रों का नदी किनारे जाना कैसे जुड़ा है।
इलाके में शोक, सवालों के घेरे में स्कूल की भूमिका:
एक साथ तीन होनहार छात्रों के चले जाने से डिसरगढ़ और नियामतपुर में मातम पसर गया है। परिजनों का आरोप है कि अगर स्कूल में प्रवेश मिल जाता तो शायद यह हादसा टल सकता था। वहीं, स्थानीय लोग नदी किनारे सुरक्षा इंतजामों की कमी पर भी सवाल उठा रहे हैं।
पुलिस प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि मानसून में नदी-तालाबों में नहाने से बचें, क्योंकि गहराई और तेज धारा का अंदाजा लगाना मुश्किल होता है।














