“आसनसोल को मिलेगा अलग ट्रामा केयर सेंटर, NH-19 पर हादसों से बचाने की तैयारी”
कल्ला बायपास मोड़ के पास जमीन का सर्वे पूरा, मौजूदा जिला अस्पताल में अगले हफ्ते शुरू होगा 5 बेड का यूनिट
आसनसोल। हाईवे पर बढ़ते हादसों को देखते हुए पश्चिम बंगाल सरकार आसनसोल में एक अलग ‘स्टैंडअलोन ट्रामा केयर सेंटर’ बनाने जा रही है। स्वास्थ्य भवन, कोलकाता की एक टीम ने इस प्रस्तावित सेंटर के लिए कल्ला बायपास मोड़ के पास जमीन का निरीक्षण किया है।
जमीन की तलाश पूरी, काम तेज
राज्य के शहरी विकास और नगर निगम मामलों के मंत्री व आसनसोल दक्षिण की विधायक अग्निमित्रा पाल ने सेंटर स्थापित करने की पहल की है। CMOH बर्दवान की रिपोर्ट के बाद साउथ धड़कडा PHE के पास खाली पड़े प्लॉट का निरीक्षण किया गया।
अग्निमित्रा पाल ने पहले विधानसभा में ट्रामा केयर यूनिट का काम रुके होने का मुद्दा उठाया था। स्वास्थ्य भवन से मंजूरी मिलने के बाद DM एस. पोन्नंबलम और CMOH डॉ. शेख मोहम्मद यूनुस को NH-19 के पास उपयुक्त जमीन चिन्हित करने का निर्देश दिया गया था।
पहले मौजूदा अस्पताल में शुरू होगी सेवा
अधिकारियों के मुताबिक अलग सेंटर के लिए जमीन और बजट फाइनल होने में समय लगेगा। तब तक आसनसोल जिला अस्पताल और सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में अगले हफ्ते से 5 बेड का लेवल-3 ट्रामा केयर यूनिट शुरू किया जाएगा। मौजूदा स्टाफ से ही काम चलाया जाएगा, कोई नई पोस्ट नहीं सृजित की गई है।
NH-19 पर जरूरत क्यों जरूरी है?
NH-19 जिसे पहले ग्रैंड ट्रंक रोड कहा जाता था, अब गोल्डन क्वाड्रिलेटरल का हिस्सा है। इस 6-लेन हाईवे पर रोजाना 40,000 से 50,000 वाहन 100 किमी/घंटे की रफ्तार से गुजरते हैं, जिससे ये हाई-रिस्क कॉरिडोर बन गया है। यहां आए दिन दुर्घटनाएं और मौतें होती हैं।
डॉक्टरों का कहना है कि गंभीर घायलों को “गोल्डन आवर” के अंदर इलाज मिलना जरूरी है। ट्रामा सेंटर शुरू होने से मरीजों को तुरंत बेहतर इलाज मिल सकेगा और जान बचाने की संभावना बढ़ेगी।















