“2 साल 8 महीने की उम्र में कमाल: पांडवेश्वर के सृजन का नाम इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स-2026 में दर्ज”
हनुमान चालीसा से लेकर 37 देशों के झंडे तक कंठस्थ, अद्भुत याददाश्त से देशभर में नाम रोशन
पांडवेश्वर, 10 जुलाई 2026। उम्र सिर्फ 2 साल 8 महीने, लेकिन याददाश्त किसी कंप्यूटर से कम नहीं। पांडवेश्वर थाना क्षेत्र के हरिपुर गांव के नन्हे सृजन कुंडू ने अपनी प्रतिभा से देशभर में नाम कमा लिया है। सृजन का नाम अब इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स-2026 में दर्ज हो गया है।
क्या-क्या याद है सृजन को?
इतनी छोटी उम्र में सृजन ने जो याद कर रखा है, वो सुनकर हर कोई हैरान है।
– 6 कीट-पतंगे, 6 सरीसृप और 15 जानवरों के नाम
– 15 सब्जियां और शरीर के 20 अंग
– सप्ताह के 7 दिन, 12 महीने
– 37 देशों के राष्ट्रीय ध्वज
– 14 स्वतंत्रता सेनानी और भारत के 8 राष्ट्रीय प्रतीक
– 18 देवी-देवताओं के वाहन
– 12 मंत्र और पूरी हनुमान चालीसा कंठस्थ
परिवार का गर्व
सृजन के पिता सुखेन कुंडू सिविक वॉलंटियर हैं और मां रिम्पा कुंडू गृहिणी हैं। उन्होंने बताया कि बचपन से ही सृजन की याददाश्त बाकी बच्चों से अलग थी। उसकी इसी प्रतिभा के वीडियो बनाकर इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स की टीम को भेजे गए। वीडियो देखने के बाद टीम ने सृजन को 2026 के रिकॉर्ड में शामिल करने का फैसला लिया।
इस उपलब्धि की खबर मिलते ही पूरे हरिपुर गांव में खुशी की लहर है। परिजन और पड़ोसी सृजन को बधाई देने पहुंच रहे हैं।
माता-पिता का कहना है, “हमारा सपना है कि सृजन बड़ा होकर एक अच्छा इंसान और देश का नाम रोशन करने वाला नागरिक बने।”
सृजन की इस कामयाबी ने साबित कर दिया कि प्रतिभा की कोई उम्र नहीं होती।















