“सार्वजनिक करदाताओं का पैसा मुफ्त की रेवड़ी में बर्बाद, ये देश के विकास और करदाताओं का अपमान” – सुरेन जालान
आसनसोल, 4 अगस्त 2026 । शहर के जाने-माने विशिष्ट व्यवसायी सुरेन जालान ने सरकारों द्वारा मुफ्त योजनाओं पर हो रहे खर्च को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने इसे सार्वजनिक करदाताओं के पैसे का दुरुपयोग और देश के विकास में बाधा बताया।
सुरेन जालान ने कहा, “सार्वजनिक करदाताओं का मुफ्त सबसे महंगा शब्द है। यह पूरे देश के विकास के लिए और करदाताओं का अपमान है। केवल राजनीतिक नेता और पद पर बैठे हुए पदाधिकारी अपनी दुकानदारी चला रहे हैं। इस पैसे से वे अपने परिवार और कई पीढ़ियों के लिए धन संचय कर रहे हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि मुफ्त की योजनाओं का लाभ केवल उसी वर्ग को मिलना चाहिए जो वास्तव में जरूरतमंद है। “मुफ्त की रेवड़ी उन्हें ही मिलना चाहिए जो अपंग हैं और किसी भी रूप में समाज में कोई योगदान नहीं कर सकते। यहां तक कि अपने धर्मानुसार भजन-कीर्तन भी नहीं कर सकते।”
देश में रोजगार की स्थिति पर बोलते हुए सुरेन जालान ने कहा कि आज के भारत में रोजगार की कोई कमी नहीं है। “कमी है तो केवल मुफ्त की रेवड़ी लेने के लिए लोग बेचारे बन रहे हैं। मेहनत करने के बजाय मुफ्त का इंतजार करना गलत प्रवृत्ति है। इससे देश का युवा और समाज दोनों कमजोर हो रहे हैं।”
सुरेन जालान का यह बयान ऐसे समय आया है जब केंद्र और राज्य सरकारों की विभिन्न मुफ्त योजनाओं को लेकर देशभर में बहस चल रही है। उनके इस बयान पर शहर के व्यापारी वर्ग और आम नागरिकों में भी चर्चा तेज हो गई है।
सुरेन जालान ने कहा कि मुफ़्त के नाम पर नेता और पद पर बैठे पदाधिकारी घरों एवं ऑफिसों में अपनी टीआरसी सजा रहे हैं।














