बारिश में सिर से छिन गई छत: लोअर कुमारपुर में रेलवे का बुलडोजर एक्शन, दर्जनों परिवार बेघर
आसनसोल । मानसून की बारिश के बीच सैकड़ों लोगों के आशियाने उजड़ गए। आसनसोल नगर निगम के वार्ड 22 स्थित लोअर कुमारपुर में बुधवार को रेलवे प्रशासन ने बड़ा अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया। अभियान के दौरान रेलवे की जमीन पर बने कई पक्के और कच्चे मकानों को बुलडोजर से जमींदोज कर दिया गया।
नोटिस के बाद हुई कार्रवाई
रेलवे सूत्रों के मुताबिक, प्रशासन ने पहले ही अतिक्रमित परिवारों को नोटिस जारी कर 5 अगस्त तक जमीन खाली करने का आदेश दिया था। समय सीमा खत्म होने के बाद बुधवार सुबह रेलवे की टीम भारी सुरक्षा बल और जेसीबी मशीनों के साथ मौके पर पहुंची और ध्वस्तीकरण शुरू कर दिया।
मलबे में बदले घर, सड़क पर सामान
कार्रवाई के दौरान कई परिवारों के घर पल भर में मलबे में तब्दील हो गए। बरसात का मौसम होने के कारण प्रभावित लोगों की परेशानी और बढ़ गई। महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग अपना जरूरी सामान बचाने के लिए मलबे के बीच भागते नजर आए।
एक प्रभावित महिला ने कहा, “20 साल से यहीं रह रहे थे। बारिश में कहां जाएं? सरकार को पहले रहने की जगह देनी चाहिए थी।”
लोगों में आक्रोश, पुनर्वास की मांग
अचानक हुई कार्रवाई से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने रेलवे और प्रशासन पर मानवीय दृष्टिकोण न अपनाने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि मानसून में इस तरह घर तोड़ना गलत है।
प्रभावित परिवारों ने सरकार और रेलवे से तुरंत पुनर्वास और वैकल्पिक आवास की मांग की है।
रेलवे का पक्ष
रेलवे प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई पूरी तरह नियम और पूर्व नोटिस के अनुसार की गई है। रेलवे की जमीन पर अवैध कब्जा हटाना जरूरी था ताकि रेल संचालन और सुरक्षा में बाधा न आए।
अब सवाल यह है कि बेघर हुए इन परिवारों का आगे क्या होगा? बरसात में खुले आसमान के नीचे इनका गुजारा कैसे होगा?














