“आसनसोल में उमड़ा आस्था का सैलाब: ऊषाग्राम के पटेल भवन में भव्य ‘गुरुपूजन प्रोग्राम’ संपन्न, स्वामी आत्म प्रकाश महाराज के प्रवचन से भक्त हुए भावविभोर”
आसनसोल । सनातन संस्कृति और गुरु-शिष्य परंपरा को समर्पित “गुरुपूजन प्रोग्राम” रविवार को आसनसोल के ऊषाग्राम स्थित पटेल भवन में पूरे भक्ति-भाव के साथ संपन्न हुआ। सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक चले इस आध्यात्मिक आयोजन में शहर और आसपास के इलाकों से सैकड़ों श्रद्धालु पहुंचे और गुरु चरणों में श्रद्धा अर्पित कर गुरुकृपा का आशीर्वाद लिया।
कीर्तन से हुई शुरुआत, प्रवचन से मिला जीवन संदेश
कार्यक्रम का शुभारंभ “॥ गुरवे नमः ॥” के उद्घोष और महिलाओं के सामूहिक कीर्तन से हुआ। पूरे हॉल में गुरु वंदना, भजन और मंत्रोच्चार की गूंज से वातावरण भक्तिमय हो गया।
इसके बाद स्वामी आत्म प्रकाश जी महाराज ने प्रवचन दिया। उन्होंने कहा कि “गुरु का अर्थ है अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाना। आज के भौतिक युग में हमारे पास सब कुछ है, लेकिन दिशा नहीं है। वह दिशा सिर्फ गुरु ही दे सकते हैं। गुरु के चरणों में झुकना कमजोरी नहीं, बल्कि सबसे बड़ी शक्ति है।”
महाराज जी ने माता-पिता, सेवा और सिमरन को जीवन की सफलता का मूल मंत्र बताया।
दीप, पुष्प और नारियल से हुआ गुरु पूजन
प्रवचन के पश्चात विधि-विधान से गुरु पूजन किया गया। श्रद्धालुओं ने दीप, अगरबत्ती, पुष्प और नारियल अर्पित कर गुरु के चरणों में शीश नवाया। आयोजन समिति का उद्देश्य नई पीढ़ी को गुरु के महत्व से जोड़ना और उनके जीवन में ज्ञान, शांति और संस्कार स्थापित करना था।
दिग्गजों सहित भारी भीड़ जुटी
सुबह से ही पटेल भवन श्रद्धालुओं से खचाखच भर गया। इस अवसर पर आसनसोल नगर निगम के पूर्व चेयरमैन अमरनाथ चटर्जी, आसनसोल महाबीर स्थान सेवा समिति के सचिव अरुण शर्मा, निरंजन पंडित, विवेक पंडित, विजय शास्त्री, दीपक भट्ट, राज कुमार शर्मा, राज कुमार अग्रवाल, मुकेश शर्मा, जितेंद्र सिंह, मुकेश पहचान, अभिषेक वर्मन, मोहन पटेल, केशव पटेल सहित पानागढ़, बांकुड़ा और जामुरिया से आए पटेल परिवार के सदस्य भी मौजूद रहे। वही महिलाओं में नर्मदा बेन पटेल, मंजू बेन पटेल, निर्मला बेन पटेल, विद्या सिंह, सविता साव, रेनू साव, सुनीता लाडसरिया, बबीता केडिया, मीना केडिया, कविता केडिया सहित दर्जनों महिलाएं उपस्थित थी।
भंडारे और सामूहिक प्रार्थना के साथ समापन
गुरु पूजन के बाद विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें सभी श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। अंत में सामूहिक प्रार्थना के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
आयोजकों ने कहा: “ऐसे आयोजन समाज में एकता और संस्कार को मजबूत करते हैं। हमारा प्रयास रहेगा कि भारतीय संस्कृति और गुरु परंपरा को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाया जाए। इसलिए भविष्य में भी इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।”


























