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“पैगंबर की शिक्षाओं का पैगाम: आसनसोल में अनाथ-दिव्यांग बच्चों के साथ HUMANISM ने मनाया ‘रहमत दिवस’, खुशियों से गूंजा आशा निकेतन”

आसनसोल । पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मोहम्मद के जन्मदिवस की खुशी में इस बार आसनसोल में करुणा और मानवता की एक अनोखी मिसाल देखने को मिली।
शहर के युवा इंजीनियरों और मेडिकल छात्रों के संगठन HUMANISM (ह्यूमनिज्म) ने अपना सालाना ‘रहमत दिवस’ (Compassion Day) आशा निकेतन के अनाथ और दिव्यांग बच्चों के साथ मनाया।

आशा निकेतन में बिखरी खुशियां
हर साल की तरह इस साल भी HUMANISM ने जरूरतमंदों तक मदद पहुंचाने का बीड़ा उठाया। इसके लिए उन्होंने आसनसोल के प्रसिद्ध आशा निकेतन अनाथालय को चुना, जहां मानसिक और शारीरिक रूप से दिव्यांग बच्चे रहते हैं।

संगठन की ओर से पूरे दिन का कार्यक्रम आयोजित किया गया:
– दोपहर का विशेष भोजन सभी बच्चों और स्टाफ के लिए
– दैनिक उपयोग की वस्तुएं: डिटर्जेंट पाउडर, हैंडवॉश, अगरबत्ती
– दिव्यांग बच्चों के लिए विशेष: दिमागी कसरत के लिए रूबी पजल (क्यूब)
– स्पेशल केक जो बच्चों के साथ काटा गया

बच्चों के साथ केक काटने और भोजन करने के बाद उनके चेहरों पर जो मुस्कान थी, वही इस रहमत दिवस की असली सफलता थी।

मानवता और करुणा का संदेश
कार्यक्रम में आशा निकेतन के प्रभारी शुभाशीष मंडल ने बच्चों को कार्यक्रम के उद्देश्य के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि पैगंबर हजरत मोहम्मद की सबसे बड़ी शिक्षा रहमत, करुणा और इंसानियत ही है।

HUMANISM के पदाधिकारियों ने कहा:
“रहमत दिवस का मकसद सिर्फ सामान बांटना नहीं है। इसका असली मकसद समाज के सबसे वंचित, अनाथ और विशेष जरूरत वाले लोगों को ये एहसास दिलाना है कि वे अकेले नहीं हैं। उनके प्रति प्रेम, सहानुभूति और मानवीय संवेदना ही असली इबादत है।”

युवा डॉक्टर-इंजीनियरों की अनोखी पहल
बता दें कि HUMANISM कोई आम संगठन नहीं है। इसे आसनसोल के उन युवाओं ने बनाया है जो नए-नए इंजीनियर बने हैं या मेडिकल की पढ़ाई पूरी कर चुके हैं या अभी पढ़ रहे हैं।

पढ़ाई के साथ-साथ ये युवा सामाजिक कार्यों में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं।

कौन-कौन रहा मौजूद
इस सेवा कार्य में संगठन की मिस अरजुमंद जमाल, मिस मुनव्वर जमाल, मोहम्मद साहिल, मोहम्मद मुनव्वर, इमरान उस्मानी, स्वीटी, फातिमा सहित कई सदस्यों ने हिस्सा लिया और पूरा दिन बच्चों के साथ बिताया।

रिपोर्टर: मोहम्मद वजीहुद्दीन जमाल, आसनसोल।

 

 

  

        

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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