रक्षाबंधन से पहले चीनी ने किया मुंह कड़वा! एक महीने में 7 रुपये महंगी, 70 रुपये तक पहुंचे दाम, सरकार ने उठाया ये बड़ा कदम”
“त्योहार करीब है और चीनी के दाम आसमान पर! क्या इस रक्षाबंधन आपकी मिठाई का स्वाद कड़वा होने वाला है?”
रक्षाबंधन से ठीक 3 दिन पहले बाजार से एक डराने वाली खबर आ रही है। जो चीनी पिछले महीने तक 48 रुपये में मिल रही थी, आज वही चीनी कई बाजारों में 70 रुपये किलो तक बिक रही है। सरकारी आंकड़ों में भी एक महीने में 7 रुपये से ज्यादा का उछाल दर्ज किया गया है।
त्योहारों से पहले अचानक इस महंगाई ने आम घरों का बजट तो बिगाड़ा ही है, साथ ही मिठाई दुकानदारों के माथे पर भी चिंता की लकीरें खींच दी हैं। आखिर क्यों महंगी हुई चीनी और सरकार ने इसे रोकने के लिए क्या मास्टर प्लान बनाया है? पढ़िए पूरी रिपोर्ट…
आकाश सिंह
आसनसोल । त्योहारों का सीजन शुरू होते ही आम आदमी की जेब पर महंगाई की मार पड़ने लगी है। रक्षाबंधन से ठीक पहले चीनी के दामों में लगी आग ने घर के रसोई से लेकर मिठाई की दुकानों तक टेंशन बढ़ा दी है।
अगर आप भी इस रक्षाबंधन मिठाई बनाने का सोच रहे हैं, तो यह खबर आपके बजट को बिगाड़ सकती है।
एक महीने में 7 रुपये का उछाल
सरकारी आंकड़े ही डराने वाले हैं। पिछले महीने 20 जुलाई को देश में चीनी का औसत खुदरा भाव 48.18 रुपये प्रति किलो था, जो बढ़कर 20 अगस्त तक 55.70 रुपये प्रति किलो हो गया है। यानी सिर्फ एक महीने में 7 रुपये से ज्यादा की बढ़ोतरी।
और तो और, कई बाजारों में तो चीनी 65 से 70 रुपये किलो तक बिक रही है। आसनसोल बाजार में भी यही हाल है।
आखिर क्यों महंगी हो रही है चीनी?
सरकार के मुताबिक इसके पीछे 5 बड़े कारण हैं:
1. अत्यधिक बारिश और बीमारी से गन्ने की फसल को नुकसान।
2. इस साल अनुमान से कम चीनी का उत्पादन।
3. रक्षाबंधन और दुर्गा पूजा से पहले बाजार में मांग का बढ़ना।
4. दुनिया भर में चीनी के दामों में तेजी।
5. कुछ जगहों पर व्यापारियों द्वारा जमाखोरी।
सरकार ने साफ किया है कि इस तेजी का एथेनॉल पॉलिसी से कोई सीधा लेना-देना नहीं है।
दाम काबू करने के लिए सरकार का एक्शन प्लान
बढ़ती कीमतों को देखते हुए केंद्र सरकार ने तुरंत बड़े फैसले लिए हैं:
– स्टॉक लिमिट: अब कोई भी चीनी डीलर 400 टन से ज्यादा चीनी स्टॉक नहीं कर सकेगा।
– बड़े खरीदारों पर रोक: 1 सितंबर से बड़े उपभोक्ता (मिठाई कंपनियां) 15 दिन की जरूरत से ज्यादा स्टॉक नहीं रख पाएंगे।
– छापेमारी: चीनी मिलों के गोदामों की जांच शुरू कर दी गई है।
– विदेश से चीनी आएगी: देश में सप्लाई बढ़ाने के लिए 10 लाख टन कच्ची चीनी को बिना टैक्स के आयात करने की इजाजत दे दी गई है।
तो क्या इस रक्षाबंधन मिठाई महंगी होगी?
28 अगस्त को रक्षाबंधन है। ऐसे में चीनी महंगी होने से मिठाई बनाने की लागत बढ़ना तय है। मिठाई कारोबारियों का कहना है कि उन्हें दाम बढ़ाने पड़ सकते हैं।
हालांकि राहत की बात यह है कि सरकार का कहना है कि देश में चीनी की कोई कमी नहीं है और सरकारी कदमों के बाद जल्द ही दामों में स्थिरता आने की उम्मीद है।
तो कुल मिलाकर, मिठास पर थोड़ा असर तो पड़ेगा, लेकिन त्योहार फीका नहीं पड़ेगा।














