“ECL का बड़ा धमाका: अब कोयले से बनेगी गैस! सोनपुर बजारी में शुरू होगी देश की भविष्य की परियोजना”
पांडवेश्वर । कोयलांचल के लिए एक बड़ी और ऐतिहासिक खबर है। अब कोयले को जलाया नहीं, बल्कि उससे गैस बनाई जाएगी। ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ECL) ने इस दिशा में बड़ा कदम बढ़ा दिया है। सोनपुर बजारी क्षेत्र में प्रस्तावित कोयला गैसीकरण (Coal Gasification) प्रोजेक्ट को लेकर हलचल तेज हो गई है।
इसी कड़ी में बुधवार को सोनपुर बजारी क्षेत्र के कॉन्फ्रेंस हॉल में एक महत्वपूर्ण पत्रकार सम्मेलन आयोजित किया गया। इस सम्मेलन में कोल गैसीफिकेशन इंडिया लिमिटेड (CGIL) के निदेशक डॉ. पीयूष कुमार ने इस क्रांतिकारी परियोजना का पूरा खाका मीडिया के सामने रखा।
क्या है कोयला गैसीकरण?
डॉ. पीयूष कुमार ने बताया कि कोयला गैसीकरण एक अत्याधुनिक तकनीक है, जिसमें कोयले को सीधे जलाने के बजाय एक विशेष प्रक्रिया से गैस में बदला जाता है। इस गैस का उपयोग बिजली बनाने, खाद बनाने और कई बड़े उद्योगों में ईंधन के रूप में किया जा सकेगा।
उन्होंने कहा, “यह तकनीक न सिर्फ कोयले के वैकल्पिक उपयोग को बढ़ावा देगी, बल्कि यह ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी। यह भविष्य की तकनीक है।”
क्षेत्र के लिए क्यों है यह महत्वपूर्ण?
यह प्रोजेक्ट सिर्फ एक तकनीकी प्रयोग नहीं है, बल्कि पांडवेश्वर-सोनपुर बजारी के लिए विकास का नया दरवाजा है।
– इससे क्षेत्र में नई औद्योगिक गतिविधियां शुरू होंगी।
– स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
– और कोयला उद्योग को एक नई, पर्यावरण के लिहाज से बेहतर दिशा मिलेगी।
पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए डॉ. कुमार ने बताया कि परियोजना की प्रारंभिक तैयारियां पूरी हो चुकी हैं और जल्द ही धरातल पर काम शुरू होगा। ECL की इस पहल को पूरे कोयला उद्योग में एक गेम-चेंजर के रूप में देखा जा रहा है।














