रानीगंज में आस्था का अद्भुत नजारा: गेरुआ वस्त्र में 70 नन्हे कांवड़ियों की ‘बोल बम’ से गूंज उठा शहर
रानीगंज । सावन के पवित्र महीने में रानीगंज ने भक्ति और संस्कार का एक ऐसा संगम देखा, जिसने हर किसी का दिल जीत लिया। पहली बार शहर की सड़कों पर छोटे-छोटे कदमों से बड़ी आस्था की यात्रा निकली।
मारवाड़ी युवा मंच रानीगंज शाखा और देवी शक्ति के संयुक्त तत्वावधान में पहली बाल कांवड़ यात्रा का आयोजन किया गया। इस अनोखी यात्रा में 4 से 12 साल के करीब 70 नन्हे-मुन्ने कांवड़िए शामिल हुए।
छोटी यात्रा, बड़ा संस्कार’ बना आकर्षण का केंद्र
गेरुए वस्त्रों में सजे, माथे पर तिलक और कंधों पर छोटी-छोटी कांवड़ उठाए ये बच्चे भगवान शिव की भक्ति में लीन दिखे। यात्रा की थीम थी ‘छोटी यात्रा, बड़ा संस्कार’ जो सच में चरितार्थ होती दिखी।
यात्रा कलीतला काली मंदिर से शुरू होकर पीएन मालिया रोड, स्कूल मोड़ होते हुए नागेश्वर बाबा मंदिर तक पहुंची। पूरे रास्ते ‘बोल बम’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों से गूंजता रहा। रास्ते में खड़े सैकड़ों श्रद्धालु इन नन्हे कांवड़ियों पर फूल बरसाकर और ताली बजाकर उनका हौसला बढ़ाते दिखे। महिला-पुरुष श्रद्धालु भी यात्रा में शामिल होकर शिवमय हो गए।
यात्रा का समापन नागेश्वर बाबा मंदिर में हुआ, जहां सभी बच्चों ने पूरे विधि-विधान से भगवान शिव का जलाभिषेक और पूजा-अर्चना की।
बचपन से ही संस्कृति से जोड़ने की पहल
आयोजकों ने बताया कि इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य आज के बच्चों को बचपन से ही सनातन संस्कृति, हमारी धार्मिक परंपराओं और सेवा-भाव से जोड़ना है, ताकि वे बड़े होकर संस्कारी नागरिक बनें। रानीगंज में पहली बार हुई इस पहल को स्थानीय लोगों का भरपूर प्यार और समर्थन मिला।
इस अवसर पर मारवाड़ी युवा मंच के अध्यक्ष प्रतीक मोर, सचिव अमित बजाज, सलाहकार राजेश जिंदल, श्याम जालान, दीपक गुप्ता और देवी शक्ति की चेयरपर्सन दीप्ति सराफ, को-चेयरपर्सन शिखा सराफ समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।














