नंद घर आनंद भयो! आज मना रहा है देश श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का महापर्व, जानें इसका महत्व
आसनसोल। पूरे देश में आज भक्ति, प्रेम और उल्लास का माहौल है। आज भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पावन पर्व बड़े ही धूमधाम से मनाया जा रहा है।
धर्म की स्थापना के लिए लिया था अवतार
मान्यता है कि जब-जब इस धरती पर धर्म की हानि होती है और अधर्म बढ़ता है, तब-तब भगवान विष्णु श्रीकृष्ण के रूप में अवतार लेते हैं। कंस के अत्याचारों से मुक्ति दिलाने और धर्म की पुनः स्थापना के लिए भाद्रपद मास की अष्टमी को भगवान श्रीकृष्ण ने जन्म लिया था।
गीता का संदेश आज भी प्रासंगिक
भगवान श्रीकृष्ण सिर्फ एक देवता नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला हैं। उनकी मधुर बांसुरी में प्रेम है, उनके मन में करुणा है और उनके द्वारा दी गई श्रीमद्भगवद् गीता का ज्ञान आज भी हमें सत्य, धर्म और कर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। गीता का संदेश है – कर्म करो, फल की चिंता मत करो।
इस पावन अवसर पर आइए हम सभी भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लें और समाज में प्रेम, सद्भाव और भाईचारे को बढ़ावा दें।
आप सभी को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं!














