आसनसोल नॉर्थ पॉइंट स्कूल में शिक्षक दिवस पर भव्य जश्न, संस्थापिका मीता रॉय के नेतृत्व में 35 से 3000 छात्रों तक का सफर बना प्रेरणा
आसनसोल, 5 सितंबर 2026। जब शिक्षा को सिर्फ पेशा नहीं, बल्कि मिशन बना लिया जाए तो 35 छात्रों से शुरू हुआ एक छोटा सा स्कूल 3000 छात्रों के विशाल शैक्षिक परिवार में बदल जाता है। ऐसी ही प्रेरणादायक कहानी की जीवंत मिसाल हैं आसनसोल नॉर्थ पॉइंट स्कूल (CBSE) और पार्वती टीचर्स ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट की निदेशक एवं सह-संस्थापिका मीता रॉय।
एक दूरदर्शी शिक्षाविद, शास्त्रीय गायिका और समाजसेविका के रूप में पूर्वी भारत में शिक्षा की नई अलख जगाने वाली मीता रॉय के नेतृत्व में पार्वती हॉल, आसनसोल में आसनसोल नॉर्थ पॉइंट स्कूल और पार्वती टीचर्स ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट द्वारा संयुक्त रूप से शिक्षक दिवस का भव्य आयोजन किया गया।
शिक्षा जगत की हस्तियों का लगा जमावड़ा
कार्यक्रम में शिक्षा जगत के कई दिग्गज मौजूद रहे। मुख्य अतिथियों में बिधान चंद्र कॉलेज, आसनसोल के प्राचार्य डॉ. फाल्गुनी मुखर्जी और जामुड़िया नमोपारा प्राइमरी स्कूल के प्रधान शिक्षक दीप नारायण नायक, जिन्हें सब ‘रास्तार मास्टर’ के नाम से जानते हैं, शामिल थे।

इसके अलावा मंच पर पार्वती टीचर्स ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट के प्राचार्य डॉ. कौशिक चटर्जी, आसनसोल नॉर्थ पॉइंट स्कूल के प्राचार्य राजीव साव, हेडमास्टर वर्जिल डिसूजा, वाइस प्रिंसिपल प्रदुमन सिंह और वाइस प्रिंसिपल सत्यजीत दां भी मौजूद रहे।
ज्ञान के दीप से हुई शुरुआत, गीत-संगीत से सजा जश्न
कार्यक्रम की शुरुआत संस्था के संस्थापक एवं चेयरमैन सचिंद्र नाथ रॉय और निदेशक मीता रॉय द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुई, जो ज्ञान और विवेक के शाश्वत प्रकाश का प्रतीक था।
इसके बाद सभी विशिष्ट अतिथियों को मोमेंटो, उत्तरीय और सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया गया। वहीं स्कूल और कॉलेज के सभी शिक्षकों को उनके समर्पण और अमूल्य योगदान के लिए विशेष उपहार भेंट किए गए।
कार्यक्रम का माहौल तब और भी रंगीन हो गया जब शिक्षकों ने खुद गीत और नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। इस जश्न में सबसे यादगार पल तब आया जब मीता रॉय और सचिंद्र नाथ रॉय ने अपनी सुरीली आवाज में गीत प्रस्तुत कर सभी का दिल जीत लिया।
2000-01 में सिर्फ 35 छात्रों से शुरू हुई मीता रॉय की यह शैक्षिक यात्रा आज 3000 से अधिक छात्रों के भविष्य को संवार रही है। यह आयोजन सिर्फ एक समारोह नहीं, बल्कि उन सभी शिक्षकों को दिल से सलाम था जो चरित्र, ज्ञान और आने वाली पीढ़ी के असली निर्माता हैं। कार्यक्रम का समापन सभी के लिए आयोजित स्वादिष्ट भोज के साथ हर्ष, कृतज्ञता और भाईचारे के माहौल में हुआ।














