“बंद पड़े कारखानों की जमीन पर लगेंगे नए उद्योग, बनेगा विकसित बंगाल और विकसित आसनसोल”
शिल्पांचल टुडे, आसनसोल
आसनसोल-शिल्पांचल में एक बार फिर औद्योगिक क्रांति का सपना साकार होने वाला है। सरकार का सबसे बड़ा लक्ष्य है – बंद पड़ी फैक्ट्रियों और मिलों की बेकार पड़ी जमीन पर नए उद्योग लगाना और निवेश के नए दरवाजे खोलना। गुरुवार को आसनसोल उत्तर विधानसभा क्षेत्र के विधायक कृष्णेंदु मुखर्जी एक बंद पड़े कारखाना का जायजा लेने पहुंचे।
युवाओं के लिए नौकरी ही पहली प्राथमिकता
इसी संकल्प को दोहराते हुए कृष्णेंदु मुखर्जी ने कहा कि, “नए शिल्पायन के जरिए ही रोजगार बढ़ेगा और तब ही विकसित बंगाल और विकसित आसनसोल का सपना पूरा होगा।”
आसनसोल में औद्योगिक ढांचे को मजबूत करना, पुरानी फैक्ट्रियों का आधुनिकीकरण करना और नई कंपनियों को यहां लाना ही मुख्य एजेंडा है। इससे न सिर्फ आसनसोल का औद्योगिक गौरव वापस लौटेगा, बल्कि हजारों युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
क्या है पूरा प्लान?
1. बंद कारखानों की जमीन का होगा इस्तेमाल: सालों से बंद पड़ी फैक्ट्रियों की हजारों एकड़ जमीन को चिन्हित कर वहां नई इंडस्ट्री लगाने के लिए निवेशकों को आमंत्रित किया जाएगा।
2. इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास: आसनसोल में सड़क, बिजली, पानी और लॉजिस्टिक्स जैसी औद्योगिक सुविधाओं को विश्वस्तरीय बनाया जाएगा ताकि बड़ी कंपनियां यहां आने में हिचकिचाएं नहीं।
3. युवाओं के लिए स्किल और नौकरी: नई इंडस्ट्री के साथ-साथ लोकल युवाओं को स्किल ट्रेनिंग देकर उसी इंडस्ट्री में नौकरी देने पर जोर होगा।
अंत में यह संकल्प लिया गया कि, “शिल्पायन की शक्ति और रोजगार के माध्यम से ही युवाओं का भविष्य सुरक्षित और उज्ज्वल होगा। विकास के इस दृढ़ संकल्प पर हम अडिग हैं।”














