आसनसोल में 98 साल पुरानी परंपरा का गवाह है महाबीर अखाड़ा – अब लड़कों को पछाड़ रही हैं लड़कियां, देखने उमड़ती है भीड़
शिल्पांचल टुडे, आसनसोल।
जहां एक तरफ पूरे बंगाल में दुर्गा पूजा की तैयारियां जोरों पर हैं, वहीं आसनसोल के एस. बी. गोराई रोड, सुकांत मैदान स्थित टीवी अस्पताल के पास आसनसोल महाबीर स्थान समिति का दुर्गा पूजा सेलिब्रेशन इस साल अपने 98वें साल में प्रवेश कर गया है।
लेकिन यहां का मुख्य आकर्षण सिर्फ दुर्गा पूजा नहीं, बल्कि सदियों से चली आ रही महाबीर अखाड़े की परंपरा है, जो आज भी देखने योग्य है।
3 महीने पहले से शुरू हो जाता है अभ्यास
समिति से मिली जानकारी के अनुसार, यहां विजयादशमी के लिए महाबीर अखाड़े का अभ्यास पूरे 3 महीने पहले से ही शुरू हो जाता है। समिति के सीनियर सदस्य खुद युवाओं को लाठी, तलवार और पारंपरिक करतब का प्रशिक्षण देते हैं।
अब लड़कों से आगे हैं लड़कियां
पिछले कुछ सालों में यहां एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। अब अखाड़े में लड़कों से ज्यादा लड़कियां बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रही हैं। उनका जोश और करतब देखने लायक होता है।
लड़कियों के इस महाबीर अखाड़े को देखने के लिए सिर्फ आसनसोल ही नहीं, बल्कि दूर-दराज के इलाकों से भी लोग सुकांत मैदान में आते हैं। ढोल-नगाड़ों की थाप पर लड़कियों का हैरतअंगेज करतब हर किसी को मंत्रमुग्ध कर देता है।
98 सालों से चली आ रही यह परंपरा आज भी नारी शक्ति और संस्कृति का बेहतरीन संगम पेश कर रही है।














