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विजयादशमी विशेष: दशहरा पर कैसे करें अपराजिता, शमी और शस्त्र पूजा? जानिए सम्पूर्ण विधि – पंडित हेमंत मिश्रा

शिल्पांचल टुडे, आसनसोल।

विजयादशमी (दशहरा) के पावन पर्व और नवरात्रि के समापन पर सभी भक्तों को हार्दिक शुभकामनाएं!

नवरात्रि की पूर्णाहुति और विजयादशमी के दिन माँ दुर्गा की विदाई, अपराजिता पूजा, शस्त्र पूजा और शमी वृक्ष की पूजा का विशेष विधान है। इस दिन असत्य पर सत्य और बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक माना जाता है। इस पावन दिन की सम्पूर्ण पूजा विधि इस प्रकार है –

1. प्रातःकालीन स्नान और घट विसर्जन (पारण)

सुबह जल्दी उठकर स्नान करें, स्वच्छ वस्त्र धारण करें और माँ दुर्गा का स्मरण करते हुए पूजा का संकल्प लें।

यदि आपने नौ दिन का व्रत या घटस्थापना की है तो इस दिन उसका पारण करें:
– कलश के ऊपर रखे नारियल को पवित्र स्थान पर रखें या प्रसाद रूप में परिवार में बाँटें।
– कलश के जल को आम के पत्तों से पूरे घर में छिड़कें, इससे नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। शेष जल तुलसी में अर्पित कर दें।
– बोए गए जवारे (जौ) को परिवार के सदस्यों के कान के पीछे आशीर्वाद स्वरूप रखें और बाकी को नदी में प्रवाहित कर दें।

2. माँ दुर्गा की विशेष पूजा और हवन

दीप प्रज्वलित कर माँ को सिंदूर, अक्षत, लाल पुष्प, फल और मिष्ठान अर्पित करें। पूर्णाहुति के लिए हवन में ‘ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चै स्वाहा’ मंत्र से आहुति दें।

अंत में क्षमा प्रार्थना करें:
आवाहनं न जानामि न जानामि विसर्जनम्। पूजां चैव न जानामि क्षम्यतां परमेश्वरि॥

3. अपराजिता देवी की पूजा (दोपहर में)

यह विजय की देवी हैं। घर के ईशान कोण में अष्टदल बनाकर माँ अपराजिता का आह्वान करें। उन्हें सफेद या नीले-पीले फूल, अक्षत और चंदन अर्पित करें।

मंत्र: अपराजितायै नमः

4. शमी वृक्ष की पूजा (सबसे महत्वपूर्ण)

मान्यता है कि भगवान श्रीराम ने रावण वध से पूर्व शमी की पूजा की थी और पांडवों ने अज्ञातवास में अपने अस्त्र-शस्त्र इसी पेड़ पर छिपाए थे।

प्रदोष काल में शमी के पौधे के पास जल, दीप, सिंदूर और फूल चढ़ाएं, परिक्रमा करें और उसके पत्ते लाकर बड़ों को “स्वर्ण” के प्रतीक के रूप में दें।

5. शस्त्र और वाहन पूजन

इसे आयुध पूजा भी कहते हैं। अपने कार्य से जुड़े औजार, उपकरण और वाहन को साफ कर गंगाजल छिड़कें, रोली-अक्षत लगाएं और सफलता की कामना करें।

यह दिन किसी भी नए कार्य को शुरू करने के लिए अबूझ मुहूर्त है।

माँ अपराजिता की कृपा से आपके जीवन में हर क्षेत्र में विजय हो।

– पंडित हेमंत मिश्रा
ज्योतिषाचार्य (MAJY)
जय बजरंगबली 🙏
संपर्क: 9332449502

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