बड़ा धमाका आसनसोल में: 100 साल का जश्न, गूंजे पुनेरी ढोल! महावीर स्थान मंदिर की ऐतिहासिक शोभा यात्रा में उमड़ा जनसैलाब
शिल्पांचल टुडे,आसनसोल।
कोयला नगरी आसनसोल में एक ऐतिहासिक पल का गवाह बना। शहर के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित धार्मिक संस्थानों में से एक, महावीर स्थान मंदिर सार्वजनिक दुर्गा पूजा सह महावीर अखाड़ा ने अपने गौरवशाली 100 वर्ष पूरे कर लिए।
इस शताब्दी समारोह को यादगार बनाने के लिए मंदिर कमेटी की ओर से एक विराट और भव्य शोभा यात्रा का आयोजन किया गया।
100 साल का सफर, आस्था का संगम
बताया जाता है कि महावीर स्थान मंदिर की स्थापना 1925 में हुई थी और तब से यह अखाड़ा न सिर्फ पूजा-पाठ बल्कि युवाओं में अनुशासन और संस्कृति का केंद्र रहा है। 100वें वर्ष पर पूरे मंदिर परिसर को आकर्षक रोशनी और फूलों से सजाया गया था।
शोभा यात्रा में मुख्य आकर्षण – मुंबई के पुनेरी ढोल
इस शताब्दी शोभा यात्रा की शान बढ़ाई मुंबई से विशेष रूप से बुलाए गए प्रसिद्ध पुनेरी ढोल दल ने।
ढोल की दमदार थाप, एक साथ थिरकते कलाकार और उनके अनुशासित प्रदर्शन ने देखते ही देखते हजारों लोगों को अपनी ओर खींच लिया। ढोल की गूंज पर बच्चे, बूढ़े और युवा सभी झूमते नजर आए। पूरा जीटी रोड और मंदिर के आसपास का इलाका “जय श्रीराम” और “जय माता दी” के जयकारों से गूंज उठा।
शोभा यात्रा में अखाड़े के पहलवानों ने भी अपने हैरतअंगेज करतब दिखाए, जिसने लोगों में खूब उत्साह भरा।
शहरवासियों का मिला भरपूर समर्थन
इस ऐतिहासिक आयोजन को सफल बनाने के लिए स्थानीय लोगों, व्यवसायियों और प्रशासन ने भी पूरा सहयोग दिया। कमेटी ने इस सफलता का श्रेय सभी शहरवासियों को दिया है।
आयोजन समिति ने जताया आभार
कमेटी के पदाधिकारियों ने कहा कि 100 साल का यह सफर आप सभी के प्यार और आशीर्वाद से ही संभव हो पाया है। आगे भी इसी तरह सहयोग बनाए रखें।
पदाधिकारीगण:
अध्यक्ष: सोमनाथ गोराई
सचिव: अरविंद साहा
कोषाध्यक्ष: बिबेक बर्नवाल
एवं समस्त सदस्य और कार्यकर्ता, महावीर स्थान मंदिर कमेटी, आसनसोल।
