Recent Posts

Shilpanchal Today

Latest News in Hindi

बराकर पुलिस बनी मसीहा: मेले में बिछड़ा 8 साल का मुन्ना, 3 घंटे में परिवार से मिलाया – सोशल मीडिया बना हथियार

शिल्पांचल टुडे , कुल्टी।
दुर्गा पूजा के बाद लगे चिरकुंडा मेले में अपने परिवार से बिछड़े 8 साल के मासूम को बराकर ट्रैफिक पुलिस ने महज कुछ ही घंटों में उसके परिवार से मिलाकर मानवता की बड़ी मिसाल पेश की है। पुलिस की तत्परता से बच्चे के परिवार की खुशियां फिर से लौट आईं।

मेले की भीड़ में बिछड़ा, बंगाल-बिहार बॉर्डर तक पहुंच गया बच्चा

जानकारी के अनुसार, धनबाद जिले के निरसा के मल्लिक गुड़िया निवासी काजल मल्लिक अपने परिवार के साथ विजयादशमी के बाद चिरकुंडा मेला देखने गए थे। मेले में भारी भीड़ के दौरान उनका 8 वर्षीय बेटा मुन्ना मल्लिक परिवार से बिछड़ गया।

परिवार से बिछड़ने के बाद मासूम भटकते हुए चिरकुंडा पुल पार कर पश्चिम बंगाल की सीमा में दाखिल हो गया और बराकर के *बेगुनिया चेकपोस्ट* तक पहुंच गया।

बेगुनिया चेकपोस्ट पर पुलिस की नजर पड़ी

बेगुनिया चेकपोस्ट पर तैनात बराकर सब-ट्रैफिक गार्ड के जवानों की नजर अकेले घूम रहे मासूम पर पड़ी। जवानों ने तुरंत उसे प्यार से अपने पास बिठाया, पानी पिलाया और उसके परिवार के बारे में जानकारी लेने की कोशिश की।

बच्चे की पहचान के लिए पुलिस ने उसकी तस्वीर अपने विभागीय व्हाट्सएप ग्रुप और स्थानीय सोशल मीडिया ग्रुप्स में शेयर कर दी। देखते ही देखते तस्वीर वायरल हो गई और कुछ ही घंटों में बच्चे के परिजनों का पता चल गया।

सूचना मिलते ही परिजन बराकर ट्रैफिक कार्यालय पहुंचे। जरूरी कागजी कार्रवाई के बाद पुलिस ने बच्चे को सकुशल उसके माता-पिता को सौंप दिया। बेटे को सही-सलामत देख परिजनों की आंखों में आंसू आ गए।

स्थानीय लोग बराकर ट्रैफिक पुलिस की इस तत्परता और मानवीय संवेदनशीलता की खूब सराहना कर रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *