₹280 करोड़ का पावर प्लांट घोटाला – बंगाल में ED का बड़ा एक्शन, कोलकाता से आसनसोल तक 4 ठिकानों पर छापेमारी, 2 CA रडार पर
कोलकाता / आसनसोल, 30 अक्टूबर।
बैंक धोखाधड़ी के एक बड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आज सुबह से पश्चिम बंगाल में ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू कर दी है। केंद्रीय एजेंसी की टीमें कोलकाता, उत्तरपाड़ा, हावड़ा और आसनसोल में कुल 4 ठिकानों पर PMLA के तहत सर्च ऑपरेशन चला रही हैं।
जांच के घेरे में है कोहिनूर पावर प्राइवेट लिमिटेड (KPPL) और उससे जुड़े चार्टर्ड अकाउंटेंट्स का नेटवर्क।
क्या है पूरा मामला?
ED के मुताबिक, कंपनी ने झारखंड में 66 मेगावाट का पावर प्लांट लगाने के नाम पर बैंकों के कंसोर्टियम से करीब 280 करोड़ रुपये का लोन लिया था। आरोप है कि यह पूरा पैसा पावर प्रोजेक्ट में लगाने के बजाय शेल कंपनियों के जाल के जरिए कोलकाता में लांड्रिंग कर दिया गया।
जब कंपनी दिवालिया हुई और NCLT में गई, तो लिक्विडेशन में बैंकों को सिर्फ करीब 7 करोड़ रुपये ही वापस मिले। बाकी 273 करोड़ डूब गए। इसी शिकायत के आधार पर पहले Serious Fraud Investigation Office (SFIO) ने कोलकाता की स्पेशल कोर्ट में केस दर्ज किया था, जिसके बाद अब ED ने मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की है।
कहां-कहां पड़ा छापा?
1. लेक टाउन, कोलकाता: सबसे बड़ा एक्शन उत्तर कोलकाता के पॉश इलाके लेक टाउन के Avni Oxford Phase-1 कॉम्प्लेक्स में हुआ है। यहां चार्टर्ड अकाउंटेंट अशोक सारथी के घर पर केंद्रीय बलों के साथ ED की टीम सुबह से तलाशी ले रही है। ED का मानना है कि सारथी इस घोटाले का मास्टरमाइंड है और उसी ने शेल कंपनियां खोलकर पैसे को घुमाया।
2. उत्तरपाड़ा, हुगली: हुगली के उत्तरपाड़ा में शिबतला स्ट्रीट पर एक और CA सुदीप्तो घोष के घर पर छापा पड़ा है।
3. आसनसोल और हावड़ा: आसनसोल (पश्चिम बर्धमान) और हावड़ा में भी कंपनी के डायरेक्टर्स और ऑडिटर्स से जुड़े ठिकानों पर तलाशी जारी है।
यह पहली बार नहीं है। इससे पहले 3 सितंबर को भी ED ने इसी मामले में कोलकाता में 11 जगहों पर छापेमारी की थी। आज की कार्रवाई उसी जांच को आगे बढ़ाने के लिए है।
ED सूत्रों का कहना है कि छापे में कई दस्तावेज, डिजिटल सबूत और शेल कंपनियों के कागजात मिले हैं। पूछताछ के बाद आगे गिरफ्तारी भी हो सकती है।














