काली पूजा को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, आपातकालीन सेवाओं के लिए 14 वरिष्ठ अधिकारियों की ड्यूटी
कोलकाता | 3 नवंबर 2026
पश्चिम बंगाल में आगामी काली पूजा के मद्देनजर राज्य का स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है। पूजा के दौरान किसी भी तरह की स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य भवन ने विशेष व्यवस्था की तैयारी की है। इसके तहत 14 वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारियों की दो अलग-अलग ड्यूटी रोस्टर तैयार किए गए हैं। ये अधिकारी पूजा की छुट्टियों के दौरान आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं के समन्वय की जिम्मेदारी संभालेंगे।
8 से 12 नवंबर तक विशेष निगरानी
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, 8 नवंबर से 12 नवंबर तक काली पूजा की छुट्टियों के दौरान ये अधिकारी सक्रिय रहेंगे। इनमें से चार वरिष्ठ अधिकारियों को स्वास्थ्य भवन स्थित इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम से सभी आवश्यक आपातकालीन सेवाओं के समन्वय की जिम्मेदारी दी गई है।
वहीं, 10 अन्य डॉक्टरों को राज्य के विभिन्न जिला मुख्यालयों और कोलकाता नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग के साथ संपर्क बनाए रखने का दायित्व सौंपा गया है। इसका उद्देश्य किसी भी स्वास्थ्य आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई और चिकित्सा सहायता सुनिश्चित करना है।
चोरबागान भगदड़ के बाद बढ़ी सतर्कता
इस बार स्वास्थ्य विभाग की विशेष सतर्कता के पीछे दुर्गा पूजा के दौरान कोलकाता के चोरबागान पूजा पंडाल में हुई भगदड़ की घटना को भी अहम वजह माना जा रहा है। उस हादसे में 19 लोगों की मौत और कई लोगों के घायल होने की खबर सामने आई थी। इसी तरह की घटना दोबारा न हो, इसके लिए प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग त्योहारों के दौरान पहले से तैयारी कर रहे हैं।
पंडालों और अस्पतालों में भी सुरक्षा व्यवस्था पर जोर
काली पूजा के साथ जगद्धात्री पूजा और छठ को लेकर भी राज्य सरकार ने सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इनमें पूजा पंडालों का निरीक्षण, पर्याप्त रोशनी, प्रवेश और निकास के लिए अलग एवं स्पष्ट रास्ते, चौड़े निकास मार्ग, एंबुलेंस और प्राथमिक चिकित्सा केंद्रों की व्यवस्था शामिल है।
छठ घाटों पर बैरिकेडिंग, गोताखोरों की तैनाती, पर्याप्त रोशनी और आपदा प्रबंधन टीमों को सतर्क रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। जिलों में 24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम की व्यवस्था पर भी जोर दिया गया है।
प्रशासन का उद्देश्य
राज्य स्वास्थ्य विभाग की इस तैयारी का मुख्य उद्देश्य त्योहारों के दौरान किसी भी दुर्घटना, अचानक तबीयत बिगड़ने या अन्य चिकित्सा आपात स्थिति में लोगों को समय पर सहायता उपलब्ध कराना है।
काली पूजा के दौरान भीड़भाड़ वाले इलाकों में चिकित्सा सहायता और आपातकालीन सेवाओं की उपलब्धता पर इस बार विशेष नजर रहेगी।













