सेवा ही धर्म है! 15 साल से सिख समाज की शान बने सरदार सुरजीत सिंह मक्कड़, 1450 यूनिट रक्तदान, 650 बच्चों को किताबें, 125 मोतियाबिंद ऑपरेशन
शिल्पांचल टुडे, आसनसोल।
नाम है सरदार सुरजीत सिंह मक्कड़ – निरसा से बर्दवान तक सिख समाज में सेवा का दूसरा नाम। सिख वेलफेयर सोसाइटी के संस्थापक मक्कड़ पिछले 15 सालों से बिना रुके, बिना थके समाज की सेवा कर रहे हैं।
उनके नेतृत्व में हर साल उन होनहार विद्यार्थियों और युवाओं को सम्मानित किया जाता है, जिन्होंने पढ़ाई, खेल या प्रतियोगी परीक्षाओं में नाम रोशन किया है।
आंकड़े बोलते हैं, सेवा कितनी बड़ी है –
– 1450 यूनिट रक्त संग्रह: गुरु पर्व पर रक्तदान शिविर लगाकर अब तक 1450 यूनिट खून ब्लड बैंक को सौंपा है।
– 125 मोतियाबिंद ऑपरेशन: 125 जरूरतमंद लोगों का फ्री में मोतियाबिंद का ऑपरेशन करवाया।
– 650 बच्चों को मदद: 650 विद्यार्थियों को स्कूली किताबें और पढ़ाई की सामग्री दी।
– फ्री दवाइयां: अस्पताल में भर्ती मरीजों को निशुल्क दवाइयां पहुंचाते हैं।
इसके अलावा बड़ी सेवा बीते 10 वर्षों में 550 सिख संगत को अमृत संचार कराया गया है। सेवा के लिए जाने जाने वाले सिख वेलफेयर सोसाइटी के संस्थापक सरदार सुरजीत सिंह मक्कड़ ने बड़े धार्मिक संकल्प में अभी तक 550 सिख संगत को अमृत संचार करवा चुके है।
अमृत संचार सिख धर्म में सबसे पवित्र और महत्वपूर्ण संस्कार माना जाता है। इसके जरिए संगत गुरु के बताए मार्ग पर चलने और अमृतधारी सिख बनने की दीक्षा लेती है।
सरदार मक्कड़ ने कहा, “गुरु ग्रंथ साहिब जी की शिक्षाओं को जीवन में उतारना ही असली सेवा है। हम चाहते हैं कि ज्यादा से ज्यादा युवा और परिवार अमृत छककर गुरु वाले बनें और समाज सेवा से जुड़ें।”
इस पहल से निरसा से बर्दवान तक की सभी गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटियों में खुशी की लहर है।

“मैं कौन होता हूं सेवा करने वाला, ये सब वाहेगुरु की कृपा है”
अपनी सेवा पर सरदार सुरजीत सिंह मक्कड़ बेहद विनम्र हैं। उन्होंने कहा, “मैं कौन होता हूं सेवा करने वाला। यह सब वाहेगुरु जी की कृपा और आशीर्वाद है। हमारी पूरी टीम के भाइयों का सहयोग मिलता है, तभी मैं समाज के लिए कुछ कर पाता हूं।”
उन्होंने बच्चों से अपील की कि वे गुरु ग्रंथ साहिब जी की शिक्षाओं को जीवन में अपनाएं और हमेशा सेवा से जुड़े रहें।
सभी गुरुद्वारा कमेटियां साथ
रानीगंज के प्रधान सरदार हरजीत सिंह बग्गा, निरसा के प्रधान सरदार मंजीत सिंह, जमुरिया के राकेश सिंह, बर्दवान के सरदार कुलदीप सिंह, दुर्गापुर बेनाचटी के सरदार जगदीश सिंह, गायघाट के सरदार तरसेम सिंह, बहुला के सरदार स्वर्ण सिंह, अंडाल के प्रधानों ने एक स्वर में कहा – “सरदार सुरजीत सिंह मक्कड़ के नेतृत्व में हम सब मिलकर गुरु ग्रंथ साहिब के आदर्श पर चल रहे हैं।”

बिहार, झारखंड और बंगाल – तीनों राज्यों में उनकी सेवा की चर्चा हो रही है।
वहीं, कुलदीप सिंह सलूजा,हरजीत सिंह बग्गा,जगदीश सिंह संदू, कमलजीत सिंह, गुरदीप सिंह, जसपाल सिंह, हरजीत सिंह मक्कड़, तरशाम सिंह,जसबीर सिंह सिद्धू, जसविंदर सिंह गुमान, सुखबीर सिंह, सुरेंद्र सिंह, जगजीत सिंह मक्कड़, चिम्पू सिंह सहित सभी मेंबर्स भाई और बहनें, स्पेशल गेस्ट देवतनु भट्टाचार्य, विधायक कृष्णेंदु मुखर्जी, एस लखविंदर सिंह जेई, अपूर्व हाजरा, काकुली , मनजीत सिंह भंगू, निर्मल सिंह जेई सभी ने सुरजीत सिंह मक्कड़ की सामाजिक कार्यों की सराहना की है।













