गुजरात गोधरा कांड के दंगाई और तड़ीपार कानून बना रहे हैं यह गणतंत्र भारत का दुर्भाग्य है —– नंद बिहारी यादव
आसनसोल । यह गजब विडंबना है की संसद और विधानसभा में कोई भी कानून या संविधान संशोधन या कानून के संशोधित बिल बुद्धिजीवी शिक्षाविद कानून विद बनाते हैं। लेकिन यह दुर्भाग्य है क्या आज गणतंत्र भारत में लोकतंत्र की दुहाई देकर भारत के संविधान के मौलिक अधिकारों पर जनता के समाजवाद धर्मनिरपेक्षता की प्रस्तावना के अधीन जनता का शासन जनता के लिए और जनता के द्वारा निहित इस दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र देश में संविधान की शक्ति के आधार पर ही देश की जनता को गुमराह कर धोखा देकर गुजरात के 80 के दशक में सबसे बड़े सांप्रदायिक दंगे गोधरा कांड के दंगाई और तड़ीपार नरेंद्र मोदी और अमित शाह जैसे लोग भारत के संविधान के सर्वोच्च पद पर पहुंच गए और लोगों को झूठे लोग लुभावने वादे करके और देश की भोली भाली जनता इनके बातों में फंस गई और यह प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के कुर्सी पर पहुंचकर जिस तरह गुजरात को उन्होंने दंगे के आज में झोंक कर पूरे गुजरात के जनता को शोषण अत्याचार और निहित गरीब बनाकर वहां कॉर्पोरेट करने को पूंजीवाद सिस्टम के तहत अमीर बनाया और राजनीति को कुंज पतियों के हवाले कर दिया इस मॉडल को पूरे देश में लागू करने के लिए यह दोनों गुजराती गैंग जो गोधरा कांड का अभियुक्त है एक दंगाई और दूसरा तड़ीपार रहा है जिनका वाहन के न्यायालय ने समाज में रहने के भी लायक नहीं समझा वह व्यक्ति आज पूरे 140 करोड़ लोकतंत्र के देश में नागरिकों को संवैधानिक और संविधान के राह पर चलने के लिए नया कानून बनता है और संशोधित बिल पास करने के लिए लाता है यह गणतंत्र भारत का दुरुपयोग आसनसोल के जाने-माने वरिष्ठ अधिवक्ता और समाजवादी राष्ट्रीय जनता दल नेता नंद बिहारी यादव ने लोकसभा संसद में गृह मंत्री अमित शाह द्वारा ले गए संशोधित बिल अधिनियम पर अपनी कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जो लोग दंगाई और तड़ीपार है वह आज कानून बना रहे हैं और कानून का संशोधन कर रहे हैं इससे बड़ा दुर्भाग्य इस देश का कभी नहीं हो सकता है उन्होंने देश के नाभि को और देश के जनता को आह्वान किया कि वह सड़क पर आगे और भारत के संविधान की रक्षा करें और देश के 140 करोड़ जनता के मौलिक अधिकारों को रक्षा करने का संकल्प ले तभी यह देश बचेगा और संविधान बचेगा अन्यथा यह गुजराती दंगाई और तड़ीपार गैंग इस भारत के संविधान संविधान को खत्म कर देगा और देश की जनता को नागरिक से गुलाम प्रजा के रूप में बदल देगा
