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चार श्रम कोड के विरोध में सीटू पथसभा कर किया प्रदर्शन

आसनसोल । केंद्र सरकार द्वारा चार श्रम कोड लागू किए गए हैं। इसके खिलाफ बुधवार वामपंथी श्रमिक संगठन सीटू के रानीगंज शाखा द्वारा रानीगंज रेलवे स्टेशन पर पथसभा का आयोजन किया गया। मौके पर सीटू नेता हेमंत प्रभाकर, जिला सीटू नेता सुप्रीयो राय, रानीगंज के पूर्व विधायक रुनु दत्ता, अशोक घोष, रामकृष्ण चटर्जी, वामापद गोप, लक्ष्मी नारायण मुर्मु के अलावा संगठन के अन्य नेता और कार्यकर्ता उपस्थित थे। इस मौके पर हेमंत प्रभाकर ने कहा कि आज की तारीख में भारत को चार गुजराती चला रहे हैं। दो गुजराती बेच रहे हैं और दो गुजराती खरीद रहे हैं। उन्होंने साफ कहा कि चार श्रम कोड श्रमिकों के अधिकारों का हनन करने के लिए बनाया गया है। आपसे मालिक अपने मर्जी के अनुसार श्रमिकों की छटनी कर सकते हैं। उनको श्रमिक संगठन बनाने का भी अधिकार नहीं होगा। क्योंकि श्रम कोड में ऐसे प्रावधान रखें गए हैं, जिससे श्रमिकों से वह अधिकार छीन लिया गया है कि श्रमिकों से 8 घंटे से ज्यादा काम लिया जाएगा। जिस अधिकार की प्राप्ति के लिए श्रमिकों ने अपना खून बहाया था। उस अधिकार को श्रम कोड द्वारा खत्म कर दिया गया। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन कल भी जारी रहेगा। बर्न्स प्लॉट का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि वह जमीन बर्न्स की थी। लेकिन रेलवे द्वारा वहां पर रहने वाले लोगों को हटने के लिए नोटिस जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि सीटू इसका पुरजोर विरोध करता रहेगा। उन्होंने टीएमसी पर भी आरोप लगाया कि वह भले ही ऊपर ऊपर भाजपा का विरोध करने का नाटक करती हो लेकिन भाजपा और टीएमसी में अंदर खाने गठजोड़ है। उन्होंने राज्य की मुख्यमंत्री और श्रम मंत्री से सवाल किया की बर्न्स कंपनी को खोला जाएगा। लेकिन अभी तक इसे क्यों नहीं खोला गया। उन्होंने बताया कि ओसीपी बनाया जा रहा है। क्या पता नहीं है कि किसी एक जगह पर ओसीपी बनाने से क्या परेशानी होती है। लेकिन नरेंद्र मोदी की सरकार जो कहती है, ममता बनर्जी बिना किसी सवाल किए उसे चुपचाप मान लेती है। लेकिन सीटू नहीं मानेगी। सीटू का आंदोलन जारी रहेगा।

 

       

 

 

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