आसनसोल सीबीआई कोर्ट ने रेलवे में मंत्री कोटे में नौकरी दिलाने के नाम पर 62 लाख रुपये ठगने वाले दो लोगों को सुनाई सजा
आसनसोल । आसनसोल स्पेशल सीबीआई कोर्ट के जज अरिंदम चटर्जी ने गुरुवार को रेलवे में मंत्री कोटे में नौकरी दिलाने के नाम पर गबन या धोखाधड़ी के मामले में दोषी पाए गए। दो लोगों को सज़ा सुनाई। दोनों के नाम शंभूनाथ सरकार और मो. रियाज़ हैं। जब यह घटना हुई, तब दोषी शंभूनाथ सरकार ईस्टर्न रेलवे के आसनसोल डिवीज़न में आसनसोल डीआरएम ऑफिस में ओएसएस या ऑफिस सुपरिटेंडेंट के तौर पर काम कर रहा था। पेशे से ऑटो-रिक्शा ड्राइवर मो. रियाज़ उसका साथी था। सीबीआई सूत्रों के मुताबिक, 2011 में शंभूनाथ सरकार ने राजस्थान के 9 युवाओं से रेलवे में मंत्री कोटे में नौकरी दिलाने के नाम पर 62 लाख रुपये ठगे थे। कई सालों तक लगातार चले केस के बाद गुरुवार को सवाल-जवाब के बाद आसनसोल सीबीआई कोर्ट के जज अरिंदम चटर्जी ने आसनसोल डिवीजन के तत्कालीन ऑफिस सुपरिटेंडेंट शंभूनाथ सरकार और ऑटोरिक्शा ड्राइवर मो. रियाज को रेलवे में मंत्री कोटे में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने के जुर्म में 62 लाख रुपये देने की सजा सुनाई। इस दिन जज ने शंभूनाथ सरकार को तीन साल की जेल और 30,000 रुपये का जुर्माना और मो. रियाज को एक साल की जेल और 2,000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। कोर्ट सूत्रों के अनुसार, उन 9 युवाओं से 62 लाख रुपये लिए गए थे। वह पैसा मो. रियाज के बैंक अकाउंट में जमा किया गया था। लेकिन इसके बाद भी उन युवाओं को नौकरी नहीं मिली। उसके बाद सीबीआई में शिकायत दर्ज कराई गई। उसके आधार पर सीबीआई ने केस दर्ज किया। जांच शुरू हुई। इस केस के दौरान आसनसोल सीबीआई कोर्ट में कुल 19 गवाहों ने गवाही दी। राकेश कुमार इस केस में सीबीआई के वकील या पब्लिक प्रॉसिक्यूटर थे। सीबीआई कोर्ट के सूत्रों के मुताबिक, दोनों को आज बेल मिल गई क्योंकि उनकी सज़ा तीन साल और एक साल थी।












