सीटू की ओर से निकाली गई पदयात्रा
आसनसोल । वामपंथी श्रमिक संगठन सीटू की तरफ से 29 नवंबर से कोच बिहार से बांग्ला बचाओ पदयात्रा शुरू की गई है, जो 17 दिसंबर तक चलेगी। इसको सामने रखते हुए पश्चिम बर्दवान जिले में भी सीटू की तरफ से चार पदयात्राओं का आयोजन किया गया है। यह पदयात्राएं बर्नपुर, रानीगंज, जामुरिया, अंडाल, दुर्गापुर, कांकसा, तथा सांकतोड़िया से चितरंजन तक निकलेगी। पश्चिम बर्दवान जिले के कारखानों को बचाने और युवाओं को रोजगार देने के साथ ही पूरे प्रदेश के साथ-साथ इस जिले में भी महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर्यावरण को बचाने सहित विभिन्न मांगों के समर्थन में पदयात्रा का आयोजन किया जा रहा है।
आज आसनसोल में सीटू की तरफ से चित्रा से बुधा मोड़ तक यह पदयात्रा निकली। यहां वामपंथी नेता मीनाक्षी मुखर्जी, तापस कवि, गौरांग चटर्जी सहित बड़ी संख्या में वामपंथी नेता और कार्यकर्ता उपस्थित थे। पदयात्रा में शामिल वामपंथी नेता गौरांग चटर्जी ने पश्चिम बर्दवान जिले में लगातार कारखाने बंद होने पर अपनी चिंता जताई और कहा कि एक समय इन कारखानों की वजह से इस जिले की अर्थव्यवस्था चल रही थी। लेकिन आज इन कारखानों की हालत से बेहद जर्जर हो चुकी है। लेकिन ना तो केंद्र सरकार और ना ही पश्चिम बंगाल राज्य सरकार को इसकी कोई चिंता है। इसके अलावा उन्होंने दामोदर अजय जैसी नदियों को लेकर भी अपनी चिंता जताई और कहा कि इन नदियों के पानी को प्रदूषित किया जा रहा है। वहीं महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी वामपंथी नेताओं ने चिंता जताई और कहा कि आज पूरे बंगाल के साथ-साथ इस जिले में भी महिलाएं कहीं पर भी सुरक्षित नहीं है। उन्होंने रोजगार के मुद्दे पर भी केंद्र और राज्य सरकार की आलोचना की और कहा कि आज शिक्षित युवा बेरोजगार घूम रहा है। रोजगार के अवसर पैदा नहीं हो रहे हैं। उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय संसाधनों के निजीकरण का भी विरोध किया और कहा कि यही बेरोजगारी की एक मुख्य वजह है।
