हुमायूं कबीर ने किया पार्टी के नाम का ऐलान
कोलकाता । बाबरी मस्जिद की नींव रखने वाले हुमायूं कबीर ने अपनी अलग राजनीतिक पार्टी का ऐलान कर दिया है। हुमायूं कबीर ने अपनी पार्टी का नाम जनता उन्नयन पार्टी रखा है। पार्टी के चुनाव चिन्ह के लिए हुमायूं कबीर ने कहा कि मेरी पहली पसंद ‘टेबल’ है. मेरी दूसरी पसंद ‘ट्विन रोजेज’ है। हुमायूं कबीर ने बताया कि वह जरूरत पड़ने पर सभी 294 सीटों पर अपने उम्मीवार उतारेंगे। हमारी पार्टी सिर्फ आम लोगों के विकास की बात करेगी। पश्चिम बंगाल में 2026 में विधानसभा चुनाव हैं।
जल्द लोगों को पता चलेगा हुमायूं कबीर क्या है?
हुमायूं कबीर ने बताया हमने जनता उन्नयन पार्टी नाम सोचा है। फाइनल नाम चुनाव आयोग तय करेगा। मुस्लिमों को सिर्फ वोट बैंक की राजनीति के लिए सत्ताधारी पार्टी इस्तेमाल करती रही हैं। इन्हें काफी चीजों से वंचित रखा गया है। हम उनके हक की आवाज उठाएंगे। अभी हमें कोई गंभीरता से नहीं ले रहा है, लेकिन जल्द ही लोगों को पता चल जाएगा कि हुमायूं कबीर क्या है। कुछ सीटों पर उम्मीदवारों का ऐलान हम आज करने जा रहे हैं।
हुमायूं कबीर ने क्यों रखा पार्टी का ये नाम
हुमायूं कबीर बंगाल की जनता के विकास करने की बात कह रहे हैं और उन्होंने अपनी पार्टी का नाम भी उसी के आधार पर ‘ जनता उन्नयन पार्टी’ रखा है। उन्नयन का मतलब किसी चीज को बेहतर या और अच्छा बनाना होता है। यह एक प्रक्रिया है, जिसमें किसी वस्तु, प्रणाली या स्थिति में सुधार किया जाता है, ताकि वह अधिक प्रभावी, कुशल, या आकर्षक हो जाए।
294 सीटों पर लड़ सकते हैं चुनाव
टीएमसी से निलंबित विधायक हुमायूं कबीर ने तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के विरोधियों से अपील की कि वे एकजुट हों और अगले साल होने वाले अहम विधानसभा चुनाव में पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस सरकार को हटाने के लिए गठबंधन में चुनाव लड़ें। इसका ऐलान हुमायूं कबीर ने सोमवार को अपनी नई पॉलिटिकल पार्टी की घोषणा से एक दिन पहले किया। हुमायूं कबीर ने मीडिया से बातचीत में कहा, ‘मैं पश्चिम बंगाल में सभी एंटी-तृणमूल कांग्रेस और एंटी-भाजपा ताकतों को एक साथ आने के लिए बुला रहा हूं। आइए हम अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में एक ग्रैंड अलायंस बनाकर लड़ें। हालांकि, ऐसी कोई भी ताकत खुद को सबसे ऊपर समझती है तो मेरी पार्टी अकेले चुनाव लड़ेगी। अगर जरूरत पड़ी तो मैं पश्चिम बंगाल की सभी 294 विधानसभा सीटों से उम्मीदवार उतारूंगा। मेरे पास वह ताकत है।’ हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि उनका मौजूदा कदम पूरी तरह से पॉलिटिकल है, इसलिए वह कोई भी फैसला करने से पहले कई बार सोचेंगे।













